दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के कार्यों की समीक्षा की और हंसराज गंगाराम अहीर ने मोदी से मुलाकात की. इस अवसर पर अहीर ने प्रधानमंत्री को नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दीं.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने ओबीसी समुदाय के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उदाहरण के लिए, अखिल भारतीय कोटा स्कीम के अंतर्गत एमबीबीएस और एमडी के दाखिलों में ओबीसी आरक्षण लागू किया गया है, जिससे प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस में 1,500 और एमडी में 2,500 ओबीसी विद्यार्थियों को प्रवेश मिल रहा है.
इसके अतिरिक्त, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूलों में ओबीसी छात्रों के लिए 27% आरक्षण प्रदान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में ओबीसी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया है, जिससे आयोग की गरिमा बढ़ी है और वह पिछड़े वर्गों के हित में प्रभावी तरीके से कार्य कर रहा है.
इन पहलों के माध्यम से सरकार ओबीसी समुदाय के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है.




