चंद्रपुर : शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गैर-रॉयल्टी मिट्टी का बेहिसाब उपयोग हो रहा है, जिसे राजस्व विभाग का नुकसान माना जा रहा है. क्योंकि संबंधित कंपनी को कोयला खनन की अनुमति दे दी गई है. कंपनी को खुदाई के बाद मिट्टी को समतल करना चाहिए. लेकिन नियम विरुद्ध अवैध पहाड़ियां बनाकर छोडा जा रहा हैं. उस क्षेत्र का उपयोग दोबारा होना है यह कहकर सरकार को गुमराह करने का काम आज भी चर्चा में है. जिसका जीता जागता सबूत बंद पड़े कार्यालय एवं अव्यवस्थित कार्यालय बयां कर रहे है. उनके सुरक्षा गार्डों की निष्क्रियता के कारण मिट्टी का उपयोग अवैध तस्करों द्वारा किया जा रहा है.
कहा जा रहा है कि सरकार के विभिन्न खजाने में रुपये की कमी है. जिसके चलते आज कुछ ठेकेदारों का बकाया रुका हुआ है. जिसके कारण कई कर्मचारियों का भुगतान लटका हुआ है. पिछले कुछ वर्षों से कुछ लोगों का बकाया भुगतान चार-चार महीने तक रुका हुआ है. लेकिन संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को राजस्व का जरिया माना जा रहा है. ऐसा है तो आयकर विभाग को ऐसे अधिकारियों और उनके परिवारों की जांच करनी चाहिए और ऐसे लोग यदि दोषी पाये जाने पर उनकी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए. ऐसी भी चर्चाएं अब शुरू है.




