लॉयड्स मेटल्स कंपनी में महिलाओं को 35 फीसदी रोजगार की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
घुग्घुस (चंद्रपुर) : गुरुवार, 26 सितंबर 2024 को घुग्घुस शहर में महिला क्रांति संगठन यास्मीन सैय्यद और सरस्वती पाटिल के नेतृत्व में शहर की महिलाओं ने लॉयड्स मेटल्स के विस्तार के तहत नए उद्योग में महिलाओं को 35% रोजगार दिया जाएं ऐसा एक विरोध प्रदर्शन किया. कंपनी विरोध रैली थाने के सामने से छत्रपति शिवाजी चौक तक निकाली गई. उन्होंने एचआर मैनेजर रमेश राधाराम, तरुण केशवानी और कंपनी के अन्य अधिकारियों के साथ 1 घंटे तक गहन चर्चा के बाद ज्ञापन पेश किया. तथा उपस्थित महिलाओं द्वारा कहा गया कि यदि 2 दिनों के अंदर कंपनी समाधान नहीं करती है तो वे उग्र आंदोलन करेंगी.

घुग्घुस शहर में महिलाओं के लिए रोजगार के कोई अवसर नहीं हैं, दस से बारह घंटे काम करने के बाद उन्हें केवल तीन हजार से पांच हजार रुपये मिलते हैं. क्या आप लॉयड्स मेटल्स कंपनी का प्रदूषण खाना चाहते हैं, जो पिछले तीस वर्षों से शहर में मौजूद है? इस महिला ने उठाया ऐसा गुस्से भरा सवाल. जब महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर है, तो क्या महिलाओं को केवल तीन से चार हजार रुपये के लिए शहर की दुकानों या होटलों में बर्तन धोना चाहिए? कंपनी में महिलाओं को रोजगार दिया जाना चाहिए. कंपनी को शहर में मुफ्त स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र और व्यवसाय उपलब्ध कराने चाहिए. गरीब और जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त स्कूल सामग्री, लैपटॉप और साइकिलें वितरित की जानी चाहिए. ऐसा पहली बार देखा गया है महिलाओं के लिए कई मांगों को लेकर आंदोलन खड़ा किया है, जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए.

इस समय में लॉयड्स मेटल कंपनी के एचआर मैनेजर रमेश राधाराम, तरूण केशवानी, सुरक्षा प्रभारी पाटनिया, पुलिस प्रशासन के एपीआई अतुल कुल, कुफिया प्रभारी सुहास विधाते, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हजार हुसैन शेख उर्फ अज्जू, यंग चंदा ब्रिगेड के इमरान खान, मयूर कलवल, आम आदमी पार्टी के अमित बोरकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार समूह) दिलीप विट्ठलवार, बीएसपी पार्टी के सिद्धार्थ कोंडागुरला, कांग्रेस के युवा नेता निखिल पुनगंटी, विशाल दामेर, चिरंजीवी तल्लापेल्ली, अविनाश उशकमल्ला, सनी मंडल, राकेश कैथल, विशाल अद्दूर, महिलाओं में प्रीती विकास तांगडे, पूर्णिमा संदीप कांबले, भाविका सतीश आटे, वैशाली बंडू दुर्योधन, करुणा नितेश भमल, अनिता विठ्ठल जुनारकर, उषा महिपाड वामनिक, वैशाली शंकर पोपटकर, माया विलास भगत, सुनिता प्रफुल पाटील, सारिका दिलीप दुरटकर, रत्नमाला किन्नाके, तेजस्विनी मारुती दुरटकर, आयेशा फिरोज शेख, पार्वती मंगेश पचारे, रूपा नागपुरे, बेबीबाई पेटकर, पुष्पा नागपुरे, सुनीता गेडाम, मेघा पाझारे, बबीता कांबळे, उषा मडावी, ममता दुर्गे, विशाल गोहिल, रंजना नपले, सुजाता करमनकर, वंदना लोहकरे, फुल कुमारी, संगीता बावस्कर, राधाबाई गोगला, चंदा दुर्गा, डागे आई, सुनिता गेडाम, इंदुबाई जादव, बबीता पारसीवे, निशा बेग, प्रीती पाझारे, उर्मिला साहेबराव गाडगे, सुनिता चिवाने, माही गजगंटी, लता चोपने, छाया संशेदे, आशा वंझे, शारदा आइलवार, सिंधु पखाले, सपना वासेकर, वर्षा, मीणा वासेकर, संदीप वाघमारे, अनीता जुनारकर, तानाबाई, पार्वता पाराशिव, निशाबी शेख, वनिता कोडापे, फूलकुमारी, सुशीला निषाद, छाया, योजना उल्लास पिंपलकर, कंचन अशोक वर्मा, शांताबाई कोइचाडे, नीताबाई कोयचाडे, पूजा कोयचाडे, प्रतिभा कोयचाडे, जया कोयचाडे, अरुना बुराडे, मनीषा उइके, सुनंदा मोदक, करुणा कोयचाडे, शुभांगी संदीप बोधे, सोनाली संतोष बोधे, वर्षा पिंपलकर, राधाबाई कोयचाडे, कांता तेलकर, छाया किशन कोयचाडे, सुषमा पिंपलकर, सुरेखा झाड़े, अर्चना शंकर कोडापे, माया भारत कुत्तरमारे, राशिका विट्ठल लोखंडे, पूर्णिमा मंगल नगरकर, सविता अशोक नगरकर, सुचिता बिवसा टेकाम, गिरिजा संजय क्षिरसागर, सुनीता टेकाम, प्रबोधिनी मंगल पथाडे, माया कासव, ज्योति वाघमारे, लता श्याम कुमार सावे, ताइबाई कोइचाडे, प्रियंका सूरज कोड़ापे, रत्नमाला कुडमेते, शुभांगी कोडापे, अश्विनी टेकाम, करिश्मा मढ़कम, सिंधु शिवकर, मनीषा आतराम, तिर्वाना मड़कम, विमल क्षीरसागर, कुसुम चंद्रशेखर पिंपलकर, सुनीता भागेकर, कविता कांबले, शीतल गागरगरगुंडे, किरण टीप्लेले, मनीषा अत्राम, अर्चना पर्चाके, कानेबाई नगरकर, जोसना मस्के, पंचकूला कोहडे, ज्योति मडके, ललिता कोइचाडे, लीलाबाई बाचलवार, सुविधा कोयचाडे, करुणा टेकाम, उषा मडावी, मीरा कोइचाडे, मंदा बोडे, कलिंदा कोयचाडे, ज्योती प्रशांत वाघमारे, कुसुम लोखंडे एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं अन्य उपस्थित थे.





