धाराशिव: महाराष्ट्र की कुलस्वामिनी की शारदीय नवरात्र महोत्सव से पूर्व होने वाली पारंपरिक मंचकी निद्रा आज से शुरू हो गई।
आज शाम अभिषेक पूजा संपन्न होने के बाद श्री तुलजाभवानी माता की शेजगृह स्थित पलंग पर मंचकी निद्रा आरंभ हुई। इस धार्मिक परंपरा से पहले सेवेकरी पलंगे परिवार के सदस्यों ने देवी के पलंग को घास-पुसकर अच्छी तरह स्वच्छ किया। वहीं, आराधी महिलाओं ने मंचकी निद्रा के लिए आवश्यक गद्दों में मौजूद कपास को पिंजकर तैयार किया।

मंचकी निद्रा की यह धार्मिक परंपरा घटस्थापना की सुबह तक जारी रहेगी। इसके बाद भोर में देवीजी की पुनः सिंहासन पर प्रतिष्ठापना की जाएगी और घटस्थापना के साथ विधिवत शारदीय नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ होगा।
श्री तुलजाभवानी मंदिर में नवरात्र महोत्सव के पूर्व होने वाली मंचकी निद्रा को धार्मिक परंपरा और विधि-विधान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस दौरान देवी की विशिष्ट धार्मिक सेवा और परंपरागत पूजा-विधियों का पालन किया जाता है।




