2017 से IR बैठकों से बाहर रहने के दावे के बीच राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (इंटक) की नई टीम सक्रिय; कामगारों के मूलभूत अधिकारों और यूनियन की भूमिका पर बढ़ी चर्चा
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर: वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के वणी क्षेत्र में राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (इंटक) ने अपनी नई क्षेत्रीय कार्यकारिणी गठित की है। संगठन के अध्यक्ष एस. क्यू. जामा द्वारा 19 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के अनुसार, नई तदर्थ क्षेत्रीय समिति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। लंबे समय से औद्योगिक संबंधों (IR) की बैठकों में संगठन की भागीदारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस घटनाक्रम को कामगार राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 से इंटक संगठन के IR बैठकों से बाहर रहने का दावा किया जा रहा है। बताया जाता है कि न्यायालयों में चल रही कानूनी प्रक्रिया और संगठन की सक्रियता से संबंधित परिस्थितियों के कारण वणी क्षेत्र में कामगारों के साथ संवाद तथा औद्योगिक संबंधों की बैठकों में उसकी भूमिका प्रभावित हुई। हालांकि, IR बैठकों से बाहर रहने के सटीक कारणों और वर्तमान कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

15 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा
राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (इंटक) के जारी पत्र में वणी क्षेत्र के लिए 15 पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित किए गए हैं। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और कार्यकारिणी सदस्य शामिल हैं।
घोषित कार्यकारिणी में लक्ष्मण सादलवार को अध्यक्ष, कमलेश कुमार यादव, सदस्या गर्गंटी, संपती आरेली, हर्षा सादलवार, सविता शाह को उपाध्यक्ष, अजय भाऊराव पाटील को सचिव तथा राजेंद्र जादव, अविनाश घटे, अवनुरी अंजय्या, कृष्ण कुमार यादव को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा राज यंगण्डलवार, राकेश मसीद, शमीम अहमद, महदिक सौरभ सहित अन्य सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
पत्र में WCL प्रबंधन से नई समिति को अपने दायित्वों के निर्वहन में सहयोग देने का अनुरोध किया गया है। साथ ही कामगारों के हितों की रक्षा, उत्पादन एवं उत्पादकता में सुधार, सुरक्षा, कर्मचारियों के कल्याण और औद्योगिक संबंधों में सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

IR बैठकों से दूरी का कामगारों पर क्या असर पड़ा?
कामगारों के बीच चर्चा है कि लंबे समय तक IR बैठकों में प्रभावी भागीदारी नहीं होने के कारण संगठन की पहुंच और सक्रियता प्रभावित हुई। इसी अवधि में वणी क्षेत्र के कुछ कामगारों के दूसरे संगठनों से जुड़ने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, दूसरे संगठनों में शामिल हुए कामगारों की संख्या और इसके पीछे के कारणों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
IR बैठकें कामगारों और प्रबंधन के बीच वेतन, सेवा शर्तों, सुरक्षा, सुविधाओं तथा अन्य श्रम संबंधी मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच होती हैं। ऐसे में किसी संगठन की सक्रिय भागीदारी प्रभावित होने पर कामगारों की समस्याओं को प्रबंधन के सामने रखने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
अन्य यूनियन पदाधिकारियों के लिए बढ़ सकती है चुनौती
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद वणी क्षेत्र में इंटक की भूमिका दोबारा मजबूत होने की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। यदि संगठन कामगारों की समस्याओं को लेकर सक्रियता बढ़ाता है और प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से मुद्दे उठाता है, तो इससे क्षेत्र में पहले से सक्रिय अन्य यूनियनों के सामने भी प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती खड़ी हो सकती है।
हालांकि, केवल कार्यकारिणी घोषित होने से संगठन की वास्तविक ताकत तय नहीं होगी। कामगारों का विश्वास हासिल करना, उनकी शिकायतों पर ठोस पहल करना, प्रबंधन के साथ संवाद बढ़ाना और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर परिणाम हासिल करना नई टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कामगारों के अधिकारों पर टिकी निगाहें
नई समिति के गठन से वणी क्षेत्र के कोयला कामगारों में यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके मूलभूत अधिकारों, कार्यस्थल की सुरक्षा, सुविधाओं और सेवा संबंधी समस्याओं को अधिक मजबूती से उठाया जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई कार्यकारिणी IR बैठकों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने, कानूनी स्थिति के अनुरूप संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने और कामगारों को फिर से अपने साथ जोड़ने के लिए क्या कदम उठाती है।
नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इंटक वणी क्षेत्र में कामगारों की समस्याओं को लेकर फिर से प्रभावी आवाज बन पाएगा? आने वाले समय में संगठन की सक्रियता और प्रबंधन के साथ उसका संवाद ही इसकी दिशा तय करेगा।




