(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर : सोशल मीडिया के माध्यम से घुग्घुस पुलिस स्टेशन के एपीआई योगेश पाटिल ने आज आम नागरिकों को एक जागरूकता संदेश दिया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेट पर दिखने वाले “₹800 रोज़ कमाएँ” या इसी तरह के लुभावने दावों वाले विज्ञापनों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि इनमें से ज़्यादातर विज्ञापन झूठे और भ्रामक होते हैं, जिनका उद्देश्य सिर्फ़ भोले-भाले लोगों को फँसाना होता है।
भ्रामक विज्ञापनों की पहचान कैसे करें?
अवास्तविक दावे: बिना मेहनत या कौशल के बड़ी कमाई का वादा। जल्दी अमीर बनने का सपना: “तुरंत अमीर बनें” जैसे आकर्षक नारे।
पहले पैसे की माँग: रजिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग या किसी अन्य शुल्क के नाम पर अग्रिम भुगतान की शर्त। अस्पष्ट काम: असली काम क्या है, इसकी जानकारी न देना।
खुद को बचाने के उपाय:
संदेह रखें: बिना मेहनत लगातार कमाई संभव नहीं।
रिसर्च करें: कंपनी/वेबसाइट का नाम Google पर सर्च कर उसके रिव्यू और शिकायतें देखें।
व्यक्तिगत जानकारी न दें: बैंक डिटेल्स, OTP, आधार, पैन जैसी जानकारी साझा न करें।
रिपोर्ट करें: ऐसे विज्ञापन तुरंत प्लेटफॉर्म (Google, Facebook, YouTube आदि) पर रिपोर्ट करें।
पहले पैसा न दें: किसी भी नौकरी या काम के लिए अग्रिम भुगतान से बचें।
एपीआई पाटिल ने कहा कि “अगर कोई चीज़ सच होने के लिए बहुत अच्छी लग रही है, तो वह शायद सच नहीं है।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी ऐसे झूठे दावों से बचने के लिए जागरूक करें।





