घुग्घुस, चंद्रपुर : शहर की राजनीति इन दिनों जबरदस्त हलचल से गुजर रही है। चुनावी माहौल नजदीक आते ही नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई और सक्रिय कार्यकर्ताओं को किनारे लगाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस कारण भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में असंतोष का माहौल व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस, राष्ट्रवादी, शिवसेना और अन्य दलों में पद पाने के बाद चुनावी हार झेल चुके कई नेता, कार्यकर्ता व सहयोगी अब भाजपा में “घर वापसी” करने की तैयारी में हैं। इनकी वापसी को लेकर आज संभावित पक्ष प्रवेश कार्यक्रम की चर्चा पूरे शहर में गूंज रही है।
भाजपा दो गुटों में बंटी
चर्चाओं में यह बात सामने आई है कि घुग्घुस की भाजपा फिलहाल दो गुटों में बंटी हुई है।
पहला गुट चंद्रपुर विधानसभा विधायक से जुड़ा है। दूसरा गुट राजूरा विधानसभा विधायक से संबद्ध माना जाता है।
शहर में जोरगेवार जनसंपर्क कार्यालय और सुधीर मुनगंटीवार सेवाकेंद्र, दोनों ही अपने-अपने स्तर पर मजबूत माने जाते हैं। ऐसे में साधारण कार्यकर्ता दुविधा में हैं और खुलकर किसी पक्ष में अपनी राय रखने से बच रहे हैं।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं की कसौटी
दरअसल, निष्ठावान कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी संगठन में जुड़े हुए हैं और उन्होंने भाजपा को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जब चुनावी हार के बाद दरबदलू नेता दोबारा वापसी करना चाहते हैं, तो संगठन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फडणवीस और आला नेतृत्व पर निगाहें
अब सबकी निगाहें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, चंद्रपुर जिला भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या वे इन दरबदलू नेताओं को पुनः स्वीकार करेंगे या निष्ठावान कार्यकर्ताओं के पक्ष में खड़े होंगे?
यह आने वाला समय ही तय करेगा कि घुग्घुस की राजनीति किस करवट बैठेगी। फिलहाल शहर में चर्चाओं का दौर जारी है और राजनीतिक उथल-पुथल ने चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।





