आज ही के दिन, 20 अगस्त 1977 को नासा ने मानव इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय रचा। इसी दिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने वोएजर-2 (Voyager-2) अंतरिक्ष यान को लॉन्च किया था। यह यान सौरमंडल के रहस्यों को उजागर करने और अंतरग्रहीय यात्राओं में मानव ज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से भेजा गया था।
वोएजर-2 अब तक के सबसे सफल अंतरिक्ष अभियानों में गिना जाता है। इसने बृहस्पति, शनि, अरुण (यूरेनस) और वरुण (नेपच्यून) जैसे ग्रहों की नज़दीकी तस्वीरें और वैज्ञानिक आंकड़े पृथ्वी तक पहुँचाए। आज भी यह अंतरिक्ष में निरंतर सफ़र कर रहा है और पृथ्वी से अरबों किलोमीटर दूर, हमारे ब्रह्मांड की सीमाओं की खोज में जुटा है।
वोएजर-2 के साथ “गोल्डन रिकॉर्ड” नामक एक विशेष डिस्क भी भेजी गई थी, जिसमें पृथ्वी की संस्कृति, संगीत, भाषाएं और जीवन के विविध पहलुओं की झलक दर्ज है। इसका उद्देश्य संभावित रूप से किसी अन्य सभ्यता तक मानवता का परिचय पहुँचाना था।
इस लॉन्च ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा और मानव जिज्ञासा व खोज की असीम संभावनाओं का प्रमाण दिया।





