(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर – घुग्घुस शहर के गुजरी व आठवडी बाजार में शुल्क निर्धारण फलक अब तक न लगाए जाने को लेकर व्यापारियों में गहरा असंतोष फैल गया है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि 1 जुलाई 2025 से बाजार का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन निर्धारित शुल्क दरों की जानकारी देने वाले बोर्ड न लगाने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद कार्यालय के मुख्याधिकारी और कर विभाग के अधिकारी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर मनमानी करवा रहे हैं। इससे छोटे व निम्न तबके के व्यापारी अधिक शुल्क वसूलने की लूट का शिकार बन रहे हैं।
आज पोला उत्सव के मौके पर बाजार में भारी भीड़ जुटी है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ठेकेदार मनमाने शुल्क वसूलकर व्यापारियों का शोषण करेंगे। सवाल यह है कि घुग्घुस पुलिस और प्रशासन ऐसे लुटेरों पर कार्रवाई करेंगे या अनदेखी कर उन्हें संरक्षण देंगे।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
एक व्यापारी ने 4 जुलाई और 11 जुलाई 2025 को नगर परिषद के मुख्याधिकारी को निवेदन देकर तीन मुख्य मांगें रखी थीं –
आर्थिक वर्ष 2025-26 के लिए तय किए गए शुल्क दरों के बोर्ड बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से लगाए जाएं।
बिना अनुमति कोई भी वाहन बाजार क्षेत्र में प्रवेश न करे, इसकी स्पष्ट सूचना बोर्ड पर दी जाए।
ठेकेदार द्वारा तय दर से अधिक शुल्क वसूलने पर दंडात्मक कार्रवाई का उल्लेख बोर्ड पर किया जाए।
लेकिन 54 दिन बीत जाने के बावजूद न तो ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है और न ही शुल्क दरों के फलक लगाए गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि नगर परिषद, ठेकेदार और कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण यह मामला लगातार दबाया जा रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं।





