प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, (चंद्रपुर) 11 जुलाई 2025 – सुभाष नगर स्थित डब्ल्यूसीएल कॉलनी क्रमांक 212 में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कॉलोनी की जर्जर हालत और अव्यवस्थित परिसर के कारण यह दुर्घटना होते बच गई, लेकिन इसने कॉलोनी में रह रहे कामगारों और उनके परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूरी कॉलोनी अब जंगल जैसे वातावरण में तब्दील हो चुकी है। जगह-जगह बड़े वृक्ष, झाड़ियाँ और कचरे के ढेर – यह सब दिखाता है कि कॉलोनी की वर्षों से कोई देखरेख नहीं की गई है। कामगारों का आरोप है कि वसाहतों के रिपेयरिंग के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने का दावा किया गया, लेकिन असल में काम न के बराबर हुआ। ठेकेदारों ने WCL अधिकारियों की मिलीभगत से मरम्मत के नाम पर धन राशि तो उठा ली, लेकिन कॉलोनी की हालत जस की तस बनी हुई है।
एक निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यहां जीना खतरे से खाली नहीं है। कॉलोनी की हालत देखकर लगता है जैसे किसी ने इसे भगवान भरोसे छोड़ दिया हो।”
कामगार और उनके परिजनों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
वसाहतों की जल्द से जल्द संपूर्ण मरम्मत कराई जाए। और रिपेयरिंग के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
डब्ल्यूसीएल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है।
यह घटना डब्ल्यूसीएल की जवाबदेही और कामगारों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को और गंभीर बना रही है।





