हर दिन इतिहास में कोई न कोई ऐसी घटना जरूर दर्ज होती है जो आने वाले समय में देश और समाज के लिए मील का पत्थर साबित होती है। आज का दिन, यानी 8 जून, भारत के सूचना और संचार जगत के लिए बेहद अहम है। दो महत्वपूर्ण घटनाएं इस दिन जुड़ी हैं – पहली, भारत की सरकारी रेडियो सेवा की स्थापना और दूसरी, भारत-ब्रिटेन के बीच पहली हवाई सेवा की शुरुआत। आइए इन ऐतिहासिक पड़ावों पर एक नजर डालते हैं।
भारतीय रेडियो सेवा की नींव – इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस
भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत 1927 में निजी प्रयासों से हुई थी, लेकिन 8 जून 1936 को जब इस सेवा को सरकारी रूप मिला, तो इसे नाम दिया गया – इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (ISBS)। यहीं से रेडियो भारत में सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का एक प्रमुख माध्यम बना।
बाद में, 1937 में इस सेवा का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) कर दिया गया, जो आज भी “आकाशवाणी” के नाम से जाना जाता है। AIR ने भारत की आवाज़ को गांव-गांव तक पहुंचाया, लोक संस्कृति को संरक्षित किया और आज़ादी के आंदोलन में भी एक मजबूत भूमिका निभाई।
महत्त्वपूर्ण तथ्य:
AIR भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रसारण संगठनों में से एक है।
यह 23 भाषाओं और 179 बोलियों में प्रसारण करता है।
इसकी स्थापना ने देश को एकसूत्र में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
भारत-ब्रिटेन के बीच पहली हवाई सेवा – एयर इंडिया का ऐतिहासिक उड़ान
8 जून 1948 को, एयर इंडिया ने भारत और ब्रिटेन के बीच पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान की शुरुआत की। यह उड़ान मुंबई से लंदन तक थी, जो काहिरा और जिनेवा होते हुए लंदन पहुंची। यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं थी, बल्कि नव स्वतंत्र भारत की वैश्विक उपस्थिति की दिशा में एक बड़ा कदम था।
इस सेवा ने भारत को विश्व के हवाई नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया और आने वाले दशकों में एयर इंडिया देश की प्रतिष्ठा और पहचान का प्रतीक बनी।
महत्त्वपूर्ण तथ्य:
इस ऐतिहासिक उड़ान में एयर इंडिया के विमानों का नाम ‘मालाबार प्रिंसेस’ था।
इस उड़ान ने भारत को पहली बार यूरोप से सीधे जोड़ दिया।
यह सेवा भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और कूटनीतिक संबंधों के विस्तार की नींव बनी।
8 जून भारतीय इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, संचार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क में भारत की प्रगति का प्रतीक है। इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस से लेकर एयर इंडिया की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक, इन दोनों घटनाओं ने देश को एक नई दिशा दी और आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऐसे ऐतिहासिक पलों को याद करना हमें न केवल गर्व से भरता है, बल्कि यह प्रेरणा भी देता है कि कैसे दूरदर्शिता, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय सेवा की भावना से देश आगे बढ़ता है।




