नई दिल्ली — भारत सरकार ने घरेलू उद्योग को संरक्षण देने और अवांछित आयात पर नियंत्रण के उद्देश्य से कुछ इस्पात उत्पादों पर अनंतिम सुरक्षा शुल्क (provisional safeguard duty) लगाने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक बाजारों से कम कीमत पर भारी मात्रा में स्टील उत्पादों का आयात घरेलू उत्पादकों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह शुल्क उन देशों से आने वाले खास किस्म के इस्पात उत्पादों पर लागू होगा, जहां से अत्यधिक आयात की वजह से देश के घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंच रहा है।
सूत्रों की माने तो यह शुल्क एक अस्थायी उपाय है, जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादकों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए आवश्यक राहत प्रदान करना है। साथ ही, इस दौरान इस्पात क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकताओं की समीक्षा की जाएगी।
अन्य सूत्रों का मानना है कि यह फैसला ‘मेक इन इंडिया’ पहल और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती देगा, साथ ही भारतीय इस्पात उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगा।
सरकार जल्द ही इस फैसले से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रभावित उत्पादों की सूची जारी कर सकती है।




