घुग्घुस (चंद्रपुर) : पिछले कुछ महीनों से, पत्रकार शहर में अवैध कारोबार में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं. जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र की बदनामी हो रही है. जिससे क्षेत्र में पत्रकारों के प्रति विश्वास धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. जिसके चलते पत्रकारों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं? ऐसे में खुफिया पुलिस इन कथित पत्रकारों पर मुकदर्शक बनी हुई हैं, जो अब सोचने की बात है.
सूत्रों के अनुसार शहर में कुछ ऐसे पत्रकार हैं जिनके भाई और उनके कुछ रिश्तेदार कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और सफेद पोशाक नेता बने घूम रहे हैं. इनमें कुछ लोग रेत चोरी, डीजल की कालाबाजारी, कोयला चोरी, ब्लैकमेलिंग और अवैध परिवहन करने वाले वाहनों को संरक्षण देने के लिए वाहन स्कॉटिंग और अन्य चोरी तक कर रहे हैं. जिसका प्रमाण ठाणे में लगे वाहन और तहसील कार्यालय में लग रहे वाहन दे रहे है. लेकिन इसके संपादक और जिला प्रतिनिधि प्रतिनिधि नियुक्त करने से पहले इनका पुलिस वेरिफिकेशन और अन्य जांच पड़ताल करना अनिवार्य है.
परंतु कुछ लोग इन अवैध व्यवसाय में शामिल मीडिया के लोगों पर मेहरबान हैं? जो समझ के परे नजर आ रहा है. हालाँकि, घुग्घुस शहर में कुछ पुलिस की षडयंत्रकारी भूमिका भी अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए वरदान साबित होती दिख रही है. जो अब इलाके के चौराहों पर चर्चा का विषय बन गया है.




