घुग्घुस (चंद्रपुर) : वेकोली वणी क्षेत्र के पैनगंगा परियोजना के तहत एक निजी कंपनी के ठेका श्रमिकों ने दिवाली बोनस का भुगतान न होने पर दूसरी पाली (दि.31.10.2024) को काम बंद हड़ताल पर चले गये. 24 घंटे के गहन चिंतन और आश्वासन के बाद यह आंदोलन वापस ले लिया गया. चुनाव और त्योहारों के समय बोनस नहीं देकर ऐसी स्थिति पैदा करना इस निजी कंपनी की साजिश मानी जा रही है. आलोचना भी हो रही है जिस पर प्रबंधन ध्यान देगा.
कामगारों की एकता
सूत्रों के अनुसार वेकोली वणी क्षेत्र के विभिन्न खुली खदानों में कार्यरत ठेका कामगारों को 8.33% बोनस देने का निर्णय लिया गया था. ऐसा एक पत्र कामगारों के सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है. जिसे देख कामगारों में खुशी का लहर छाया हुआ था. इस पर कुछ निजी कंपनियों ने समर्थन किया और अपने कामगारों को बोनस दे दिया. परंतु कुछ बहुचर्चित कंपनियां बोनस न देकर कामगारों को आंदोलन का रुक अपनाने पर मजबूर कर दिया. जो आचार संहिता का भी उल्लंघन माना जा रहा है? कहा जाता है कि इन कामगारों को दिवाली का बोनस मिलने की बोहोत आस थी. लेकिन इनकी त्यौहार चिंता में चली गई है.

नाम न छापने की शर्त पर, कुछ श्रमिकों ने कहा कि वे वेकोली वणी क्षेत्र के पैनगंगा परियोजना में एक निजी कंपनी के कर्मचारी है. इस कंपनी में ड्राइवर, क्लीनर, सुपरवाइजर, बाबू, गेटमैन, ट्रिपमैन, ऑफिस स्टॉप, मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन और अन्य लोग काम करते हैं. कंपनी के कुछ नियम सख्त हैं जिससे नौकरी से बर्खास्तगी तक हो सकती है. ऐसे में कंपनी ने जानबूझकर शांति भंग करने का घृणित प्रयास किया है. कंपनी के इस फैसले के कारण कई कर्मचारियों ने अपनी कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरी दांव पर लगा दी और उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा. इस निजी कंपनी के कर्मियों के बीच यह भी चर्चा है कि ठेका कंपनी का दो माह का बकाया वेकोली कंपनी पर है. साजिश के तहत मजदूरों को बोनस नहीं देकर काम बंद करने को मजबूर किया होगा. इस पर वेकोली प्रबंधन ध्यान देना जरूरी है.




