चंद्रपुर/घुग्घुस : जिला पुलिस अधीक्षक सुदर्शन मुमक्का के आदेश का प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई असर नहीं दिख रहा है. क्योंकि उनके कर्मचारी आदेशों की अवहेलना करते नजर आ रहे हैं. मीडिया में खबर छपने पर भी पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई लोगों की पहुंच से परे है. वास्तव में, प्रतिबंधित क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी लोगों की सुरक्षा के लिए हैं? या किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं? नेता इस अवैध परिवहन का समर्थन कर रहे हैं? अब ऐसे कई सवाल निर्माण हो रही है.
सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक द्वारा भरी वाहनों की यातयात के लिए जिस रास्ते का विकल्प दिया है. परंतु घुग्घुस पुलिस कुछ कर्मचारी ट्रांसपोर्टरों के लिए मसीहा बन गए है. और जिस रास्ते पर पुलिस अधीक्षक द्वारा रोक लगाई गई थी उन रास्तों से भारी वाहनों की यातयात शुरू है ऐसा नजर आता है. जिस का एक फोटो मीडिया के हात लगी है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन भरी वाहनों को यातयात के लिए किस अधिकारी ने अनुमती दी? क्या यह हवलदार पुलिस अधीक्षक से भी बड़े पद पर है? क्या घुग्घुस शहर के पुलिस निरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक के आदेश को ना मानने के आदेश दिए गए है? आखिर ट्रांसपोर्टरों के लिए यह हवलदार इतना मेहरबान क्यों? ऐसे कई सवाल क्षेत्र के नुक्कड़ चौराह में चल रही है. अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक मुमक्का सुदर्शन द्वारा इस मामले की जांच कर आला अफसरों के आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे? जांच का विषय है.
क्षेत्र प्रतिबंधित क्यों है?
घुग्घुस शहर में रेलवे ब्रिज का काम चल रहा है, इसलिए यातायात में कोई बाधा ना आए और यातायात सुचारू रूप से चले. साथ ही किसी भी तरह की दुर्घटना और कानून व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए 30 जून 2024 तक के लिए जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी. हालांकि, इस दौरान रेलवे ब्रिजनिर्माण पूरा न होने के संबंध में आर.के. मधानी कॉरपोरेशन एवं गिरिराज कंपनी का पत्र प्राप्त होने पर 22 नवंबर 2024 तक इस मार्ग पर सभी प्रकार के भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया. इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी किया था.

वैकल्पिक रास्ता क्या है?
वणी से घुग्घुस आने वाला भारी यातायात राजीव रतन अस्पताल तक पहुंच सकता है. वणी से घुग्घुस बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए पाटला-कोंडा फाटा या पाटला-वरोरा-भद्रावती-ताडाली-पडोली घुग्घुस मार्ग का अनुसरण किया जाना है. पडोली-भद्रावती-वरोरा मार्ग से घुग्घुस से वणी मार्ग का पालन किया जाना चाहिए.




