घुग्घुस : घुग्घुस नगर परिषद के अंतर्गत 30 से अधिक आंगनवाड़ी स्कूल हैं. इनमें से कई स्कूल परिसर सफाई की गुहार लगा रही हैं. लेकिन इसकी जांच करने वाला कोई अधिकारी नहीं है. इन स्कूलों का स्टाफ भी गंभीरता नहीं दिखा रहा है. वोट और राजनीति की आड़ में क्षेत्रों के नेताओं का संरक्षण संबंधितों को मिलता नजर आ रहा है. जिससे स्कूली बच्चों की जान खतरे में नजर आ रही है. जिस पर अधिकारी ध्यान देकर संबंधित पर उचित कार्रवाई करने और क्षेत्र की सफाई कराने की मांग हैं.
सूत्रों के अनुसार हालही में पोषाहार और आंगनवाड़ी में भ्रष्टाचार पर संज्ञान लें ऐसा एक ज्ञापन यास्मीन सैय्यद (जिल्हा उपाध्यक्ष महिला कांग्रेस) व अन्य महिलाओं ने विधायक किशोर जोरगेवार को दिया था. जिसमें लिखा था की महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने, 4 से 6 साल के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने, माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, कुपोषण और अन्य मुद्दों पर ध्यान देने के लिए आंगनबाड़ियों का निर्माण किया गया है, कुछ स्थानों पर दो आंगनबाड़ियों के बच्चों को एक ही आंगनवाड़ी में पढ़ाया जा रहा है. जैसे कई गंभीर आरोप लगाया गया था. इस पर भी अधिकारी एवं विधायक किशोर जोरगेवार ने क्या संज्ञान लिया था कोई जानकारी मिली नहीं है.
राजकुमार वर्मा (तालुका अध्यक्ष, अनुसूचित जाति प्रभाग, चंद्रपुर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी) ने कहा कि कचरा और जंगल जैसी स्थिति की ओर कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है. लेकिन इस ओर अधिकारी, कर्मचारी व सेविका गंभीर नहीं दिख रहे हैं. जिससे समझा जा सकता है कि बच्चों की जान खतरे में है. क्योंकि बारिश हो रही है. डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियाँ अपना प्रकोप दिखा रही हैं. गंदगी से ये डेंगू, मलेरिया के मच्छर पलते हैं. पीने के पानी के लिए बोरवेल के पास जंगली पेड़-पौधे भी उग आए हैं. जिससे क्षेत्र में सांप, बिच्छू और अन्य घातक जानवरों के काटने से मौत हो सकती है. ताकि बच्चों को किसी भी बड़े हादसे से बचाया जा सके. इस पर संबंधित विभाग के लोग संज्ञान ले.




