सरपंच यूनियन और ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों में काफी असंतोष…
साखरा (वणी, यवतमाल) : रेतीघाट में शनिवार 1 जून की मध्य रात्रि में एक ट्रैक्टर अवैध रेत परिवहन करते पकड़ा गया. नायब तहसीलदार, तलाठी, शिरपुर पुलिस स्टेशन अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की. इस कार्रवाई का सरपंच संघ ने स्वागत किया, लेकिन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई, पोकलेन मशीनों और हाइवा ट्रकों का सवाल उठने के बाद अधिकारी घाट छोड़कर चले गये.
इस कार्रवाई का स्थानीय सरपंच परिषद और ग्रामीणों ने स्वागत किया है, लेकिन यह कार्रवाई गरीबों और अमीरों की बेदबाव की गई है, दो पोकलेन मशीनें और एक बारह- चक्का हाइवा घाट पर मौजूद होने के बावजूद बिना कोई कार्रवाई किए चले गए. इस को लेकर स्थानीय सरपंच संघ ने नायब तहसीलदार और शिरपुर पुलिस के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है.
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शनिवार 1 जून 24 की मध्यरात्रि को राजस्व अधिकारी साखरा को घाट पर रात्रि गश्त के लिए आये, उनके साथ शिरपुर पुलिस स्टेशन का वाहन था, उन्होंने ट्रैक्टर मालिक को इस घाट पर रेत चोरी करते हुए पकड़ लिया और उन्हें तहसील कार्यालय वणी में भेज दिया, लेकिन घाट पर 50 मीटर की दूरी पर दो पोकलेन मशीन और पांच हाईवा ट्रक घाट के पास थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए तहसील कार्यालय अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बन कर कोई कार्यवाही किये घाट से चले गये जिससे सरपंच एवं ग्रामवासियों में काफी असंतोष है एवं वे कड़ी कार्यवाही की मांग करेंगे.
सरपंच यूनियन और ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों ने हाल ही में कलेक्टर यवतमाल से मुलाकात की और अवेद्य रेत खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की, कलेक्टर ने एक आदेश दिया और संबंधित अधिकारियों को अवेद्य रेत और माध्यमिक खनिजों के परिवहन के लिए वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसकी सूचना उन्होंने सरपंच परिषद को दे दी है.
लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी रेतीघाट में बड़े घाट मालिक के रूप में काम करके और वित्तीय गठजोड़ और साझेदारी करके भारी वित्तीय लाभ इकट्ठा कर रहे हैं?
क्योंकि अधिकारी की गश्ती में घाट पर हुई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ट्रैक्टर पर कार्रवाई हो सकती है, फिर घाट पर लगी मशीनों और हाईवा ट्रकों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, इस पर वरिष्ठ अधिकारी से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है.
यह मांग सरपंच युनियन के निलेश पिंपलकर, बालाजी उपाध्ये, प्रवीण पिंपलकर, दशरथ पाटील, उमेश जेनेकर, सुनील माथुरकर, रुपेश ठाकरे, ज्ञानेश्वर डोंगरे, गजानन ठाकरे एवं अन्य ग्रामवासियों ने किया.




