चंद्रपुर : मराठा और खुली श्रेणी के नागरिकों के सर्वेक्षण के काम में लापरवाही बरतने के कारण सर्वेक्षण प्रगणक को निलंबित कर दिया गया है और चंद्रपुर मनपा आयुक्त विपीन पालीवाल ने सर्वेक्षण को समय पर और सख्ती से करने के निर्देश दिए हैं क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण सरकारी काम है.
महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से मराठा और खुली जाति समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ेपन की जांच के लिए 23 जनवरी से परिवार के नागरिकों का सर्वेक्षण किया जा रहा है. चंद्रपुर नगर निगम ने इस काम में 49 पर्यवेक्षकों और 739 प्रगणकों को नियुक्त किया है. उक्त कर्मचारियों को बाकायदा प्रशिक्षित भी किया गया था. परंतु प्रगणक के रूप में जिस को जिम्मेदारी दी गई थी, उसने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी कार्य स्वीकार नहीं किया. कई बार निर्देश देने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं करने पर उसे निलंबित कर दिया गया.
सर्वे में नगर पालिकाओं और अन्य सरकारी कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है और अब तक 56 हजार से भी अधिक परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है. नागरिकों का सहयोग प्राप्त करने के लिए सर्वेक्षण की जानकारी साउंड सिस्टम, समाचार पत्र, सोशल मीडिया के माध्यम से सभी जगह दी गई है.




