चंद्रपुर : जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर को वरोरा तालुक में हो रहे बाल विवाह की गोपनीय सूचना मिली. प्राप्त जानकारी के आधार पर वरोरा बाल विकास अधिकारी दीपक बनैत के सहयोग से बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया.
दस्तावेज से पूछताछ के बाद पाया गया कि बाल विवाह में बच्चे की उम्र 21 वर्ष से कम है. उक्त बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जा रहा है. बाल विवाह कानून के तहत एक अपराध है और घर के बड़े बुजुर्गों और गांव के प्रमुख नागरिकों को इस प्रकार की प्रथा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. ग्राम स्तर पर बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में ग्राम सेवक एवं सहायक अधिकारी के रूप में आंगनबाड़ी सेविका उत्तरदायी हैं. हालाँकि, इस प्रकार की घटनाएं ग्रामीण और शहरी स्तरों पर नियमित रूप से होती देखी जाती हैं. समाज के सभी वर्गों को जागरूक नागरिक होने के नाते इस पर ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही इस तरह की प्रथा पर रोक लगनी चाहिए. जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी दीपक बनेत ने बताया कि इससे स्वस्थ व सक्षम समाज का निर्माण होगा.




