मुंबई : चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन प्रदेश के 23 राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों में एमआरआई एवं सिटी स्कैन सेवाएं संचालित हैं. हालांकि, मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण इसके लिए प्रतीक्षा सूची है. इसलिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने इस अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजी सेवाएं सृजित करने तथा तत्काल एमआरआई व सिटी स्कैन सेवाएं उपलब्ध कराने तथा साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.
चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में रेडियोलॉजी सेवाओं की व्यवस्था को लेकर महाजन के सरकारी आवास पर बैठक आयोजित की गयी. वह उस समय बात कर रहे थे. विभाग के सचिव अश्विनी जोशी, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त राजीव निवतकर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रकाश सुरवसे, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. दिलीप म्हैसेकर, सह निदेशक डॉ. अजय चंदनवाले, ‘आयुष’ के निदेशक डॉ. रमन घुंगरालकर, अवर सचिव सुनील कुमार धोंडे और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
मंत्री महाजन ने कहा कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेज और इंटेंसिव केयर अस्पताल स्थापित करने के लिए निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) नीति तय की गई है. इस नीति के अनुसार विभाग के अधीन राजकीय संस्थानों में अप-टू-डेट रेडियोलॉजी एवं पैथोलॉजी सेंटर शुरू किए जाएं.




