गांधी नगर और सुभाष नगर में नाली सफाई से लेकर पानी, ड्रेनेज और कचरे तक की समस्या; WCL और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर : वेकोलि (WCL) वणी क्षेत्र के गांधी नगर और सुभाष नगर कामगार वसाहत परिसर में अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों की बढ़ती संख्या को लेकर अब स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कामगारों के लिए विकसित किए गए इन परिसरों में अनधिकृत रहवास बढ़ने के साथ ही मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा खामियाजा यहां रहने वाले कामगार परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

कामगार वसाहत में नाली सफाई, क्वार्टर मेंटनेंस, ड्रेनेज सिस्टम, पेयजल व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। जगह-जगह जमा कचरा और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण परिसर की स्वच्छता एवं आवागमन व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें हैं। वहीं, खराब या अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था के कारण बारिश के दिनों में परेशानी और बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन वसाहतों में अनधिकृत रूप से लोगों का रहना बढ़ रहा है, तो WCL का सुरक्षा एवं प्रशासनिक तंत्र इसकी निगरानी कैसे कर रहा है? क्या क्वार्टरों में रहने वालों का नियमित सत्यापन किया जा रहा है? क्या आवास आवंटन के नियमों की जांच होती है? और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही?

दूसरी ओर, वसाहत परिसर से जुड़ी सफाई, पानी, कचरा और ड्रेनेज जैसी समस्याओं को लेकर घुग्घूस नगर परिषद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि आखिर कामगार वसाहतों में रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय क्यों दिखाई नहीं देता?
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि नगर परिषद के मुख्याधिकारी, नगराध्यक्ष, बांधकाम सभापति, आरोग्य सभापति, पानी पुरवठा सभापति, नगरसेवक-नगरसेविका तथा संबंधित प्रशासनिक एवं सुरक्षा तंत्र द्वारा इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
कामगारों के लिए बनी वसाहत, लेकिन सुविधाओं का संकट क्यों?
WCL की कामगार वसाहतों का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को व्यवस्थित आवास तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है। ऐसे में यदि परिसर में अनधिकृत रहवास, अवैध पार्किंग, कचरा, खराब नालियां और पानी-ड्रेनेज जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, तो यह केवल नागरिक सुविधा का मामला नहीं बल्कि प्रशासनिक निगरानी और संपत्ति प्रबंधन से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी है।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि WCL प्रशासन और घुग्घूस नगर परिषद संयुक्त रूप से गांधी नगर एवं सुभाष नगर परिसर का स्थल निरीक्षण करें। आवासों में रहने वाले लोगों का नियमानुसार सत्यापन, अनधिकृत कब्जे या रहवास की जांच, नालियों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था की मरम्मत, नियमित कचरा उठाव, पेयजल व्यवस्था तथा अवैध पार्किंग पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए।
सवाल सिर्फ सुविधा का नहीं, जवाबदेही का भी
कामगार वसाहतों में समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं और जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग पर डाल दी जाती है, तो इसका नुकसान अंततः आम कामगार और उनके परिवारों को ही उठाना पड़ता है।
अब सवाल यह है कि WCL प्रशासन और घुग्घूस नगर परिषद इस समस्या को गंभीरता से लेकर संयुक्त कार्रवाई करेंगे या गांधी नगर और सुभाष नगर की समस्याएं इसी तरह फाइलों और आश्वासनों में उलझी रहेंगी?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और अनधिकृत रहवास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करें।




