नेपाल : बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 538 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार तलाशी एवं बचाव अभियान चला रही हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का काम भी जारी है।
इस बीच, बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। अधिकारी उन लोगों का पता लगाने के लिए विभिन्न स्थानों पर खोज अभियान चला रहे हैं, जिनसे अब तक संपर्क नहीं हो पाया है।

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सामने आ रही अत्यधिक बारिश और बाढ़ की घटनाओं के बीच अब मौसम की चरम परिस्थितियों के कारणों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, बाढ़ और अत्यधिक वर्षा के पीछे जियोइंजीनियरिंग या वेदर मॉडिफिकेशन की भूमिका होने का कोई विश्वसनीय प्रमाण इस खबर में प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे दावों को वैज्ञानिक प्रमाण और आधिकारिक जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। वर्तमान में अत्यधिक वर्षा, जलवायु परिवर्तन, भौगोलिक परिस्थितियों और नदी तंत्र जैसे प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय कारकों को समझना महत्वपूर्ण है।
नेपाल में राहत और बचाव दलों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को ढूंढना, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और बाढ़ से कटे क्षेत्रों में संपर्क बहाल करना है।




