गडचिरोली : कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट के जरिए महाराष्ट्र सरकार की गडचिरोली में विकास नीति और आदिवासी क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग और विकास के नाम पर गडचिरोली की प्राकृतिक संपदा को बड़े उद्योग समूहों के हित में सौंपने की कोशिश की जा रही है, जबकि स्थानीय जनता को आवश्यक सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
वडेट्टीवार ने अपने ट्वीट में कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गडचिरोली के पालकमंत्री होने के बावजूद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने चामोर्शी में नवजात शिशु की मौत का मुद्दा उठाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सुविधाओं के अभाव में आश्रमशालाओं में पिछले दो वर्षों के दौरान 28 आदिवासी विद्यार्थियों की सर्पदंश से मौत हुई है। उन्होंने इसे सरकार के लिए शर्मनाक और गंभीर विषय बताया।
उन्होंने आदिवासी विभाग के बजट और विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए। वडेट्टीवार के अनुसार, आदिवासी विभाग का निधि खर्च नहीं किया जा रहा और खर्च का स्तर केवल 29 प्रतिशत तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य और सिंचाई से जुड़े प्रकल्पों को अपेक्षित गति नहीं दी जा रही, जबकि दूसरी ओर बड़े उद्योग समूहों को हजारों हेक्टेयर जमीन देने की प्रक्रिया चल रही है।

वडेट्टीवार ने कहा कि यदि सरकार विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों से समझौता करती है, तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले जनता को सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और विकास के नाम पर संसाधनों के कथित हस्तांतरण के खिलाफ जनता में बढ़ता असंतोष आने वाले समय में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
नोट: उपरोक्त समाचार विजय वडेट्टीवार के ट्वीट में किए गए आरोपों और दावों पर आधारित है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।




