नगर परिषद समिति सभापति के पत्र पर जिलाधिकारी व एसडीएम ने दिए जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस/चंद्रपुर: घुग्घूस नगर परिषद की नियोजन एवं विकास समिति तथा सांस्कृतिक कार्य के सभापति रविश विनय सिंग द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी, राज्य के कैबिनेट मंत्री तथा …मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंधन को भेजे गए विस्तृत पत्र के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, जिलाधिकारी एवं उपविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसकी जानकारी आवेदक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सभापति रविश विनय सिंग द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि …मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड की औद्योगिक गतिविधियों के कारण घुग्घूस क्षेत्र में लोहे की धूल का प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। पत्र में कंपनी परिसर में आधुनिक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) एवं डब्ल्यूटीपी (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना, कंपनी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना तथा स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि औद्योगिक प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराई जाए, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के माध्यम से कंपनी का प्रदूषण ऑडिट कराया जाए तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए आधुनिक डस्ट सप्रेशन सिस्टम स्थापित किया जाए।
जिलाधिकारी कार्यालय ने दिए निर्देश
2 जून 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, चंद्रपुर द्वारा जारी पत्र में उपविभागीय अधिकारी (चंद्रपुर), महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) तथा कंपनी प्रबंधन को सभापति द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने एवं उसकी जानकारी आवेदक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम कार्यालय ने भी जारी किया पत्र
इसके बाद 3 जुलाई 2026 को उपविभागीय अधिकारी (एसडीएम), चंद्रपुर कार्यालय ने भी महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) एवं कंपनी प्रबंधन को पत्र भेजकर विषय की जांच करने, आवश्यक कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी आवेदक एवं कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख मांगें
घुग्घूस क्षेत्र में प्रदूषण की स्वतंत्र जांच एवं प्रदूषण ऑडिट कराया जाए। कंपनी परिसर में आधुनिक एसटीपी (STP) एवं डब्ल्यूटीपी (WTP) स्थापित किए जाएं। सीएसआर (CSR) के अंतर्गत मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की जाए। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए तथा स्थानीय रोजगार सेल का गठन किया जाए। आधुनिक डस्ट सप्रेशन सिस्टम स्थापित कर प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
उपलब्ध दस्तावेजों से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इन पत्रों में कंपनी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। आरोपों की सत्यता की जांच संबंधित विभागों द्वारा की जानी है।
इस संबंध में नियोजन एवं विकास समिति तथा सांस्कृतिक कार्य के सभापति रविश विनय सिंग का कहना है कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
समाचार लिखे जाने तक …मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। कंपनी का पक्ष प्राप्त होते ही उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




