प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर : घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय में सोमवार, दिनांक 11 मई 2026 की दोपहर से शुरू हुआ ठिय्या आंदोलन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जारी रहने से शहर की राजनीति में भारी हलचल मच गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आंदोलन विपक्ष ने नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष से जुड़े नगरसेवकों ने ही शुरू किया है, जिससे नगर परिषद और स्थानीय राजनीति में अंदरूनी गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नगरसेवक तौफिक सुभान अहमद शेख और नगरसेवक सूरज राजाराम कन्नूर के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में अन्य लोकप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि घुग्घुस क्षेत्र में एक कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर अनधिकृत निर्माण, पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन और सार्वजनिक संसाधनों पर कब्जे जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सत्ता पक्ष के वरिष्ठ पदाधिकारी पूरी तरह मौन बने हुए हैं।
आंदोलनकारियों ने नगर परिषद प्रशासन से कई गंभीर मुद्दों पर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। इनमें सर्वे नं.170 (शिवधुरा) स्थित सार्वजनिक मार्ग पर कथित अनधिकृत विकास कार्य, केमिकल वॉर्ड पांदण मार्ग से संबंधित NOC, स्थानीय नागरिकों से बिना चर्चा किए दी गई प्रशासनिक मंजूरियां, मजदूर वसाहत में STP और SWM व्यवस्था, दूषित पानी का निस्तारण, प्राकृतिक नालों का प्रवाह बदलने, सर्वे नं.167 में MRTP कानून के उल्लंघन और वर्धा नदी में चल रहे ‘इनटेक वेल’ कार्य की पर्यावरणीय मंजूरियां जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि कंपनी परिसर में लगभग 3,000 मजदूर रह रहे हैं, लेकिन उनके लिए सांडपाणी प्रक्रिया प्रकल्प (STP) और घनकचरा व्यवस्थापन (SWM) व्यवस्था वास्तव में कहां संचालित हो रही है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। दूषित पानी कहां छोड़ा जा रहा है, इस पर भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
इस आंदोलन ने इसलिए भी राजनीतिक रंग पकड़ लिया है क्योंकि खबर लिखे जाने तक नगराध्यक्ष, सभापति और सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेता आंदोलनस्थल पर गंभीरता से नजर नहीं आए। इससे शहर में यह चर्चा शुरू हो गई है कि सत्ता पक्ष के भीतर ही दो अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। कई अपक्ष और अन्य नगरसेवकों ने भी आंदोलनकारियों को समर्थन दिया है।
मंगलवार, दिनांक 12 मई 2026 को नगर परिषद घुग्घुस के मुख्याधिकारी ने कंपनी के उपाध्यक्ष के नाम पत्र जारी कर दोपहर 2 बजे नगर परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर चर्चा करने के निर्देश दिए। इस पत्र में नगरसेवक तौफिक शेख के पत्र क्रमांक 824, दिनांक 11-05-2026 का संदर्भ दिया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि आंदोलनकारियों ने कहा है कि जब तक कंपनी के साथ चर्चा कर संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती, तब तक ठिय्या आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि नगर परिषद कार्यालय नहीं पहुंचा था, जिससे आंदोलनकारियों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और बढ़ गई है।
नगरसेवक तौफिक सुभान अहमद शेख ने मीडिया प्रतिनिधियों को बुलाकर पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित कंपनी जनता के सवालों से बचने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जवाब और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो आंदोलन और तीव्र किया जाएगा।
घुग्घुस में चल रहा यह आंदोलन अब केवल प्रशासनिक जवाबदेही का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्ता पक्ष के भीतर बढ़ती असहमति, पर्यावरणीय सवालों और स्थानीय जनता के आक्रोश का बड़ा प्रतीक बनता जा रहा है।




