नागपुर : शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने महानगरपालिका और नासुप्र (नागपुर सुधार प्रन्यास) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट 8 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए।
शहर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है। फुटपाथों पर दुकानों के लगने से पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गडकरी ने अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
यह निर्देश उनके निवास पर आयोजित बैठक में दिए गए, जिसमें शहर के विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में पालकमंत्री Chandrashekhar Bawankule, महापौर नीता ठाकरे, राज्यसभा सांसद माया ईवनाते, विधायक कृष्णा खोपड़े, उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी-वखरे, सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
गडकरी ने निर्देश दिए कि शहर की सभी अतिक्रमित जगहों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए। यह पता लगाया जाए कि इन जमीनों की लीज किसके पास है, वर्तमान में इन पर किसका कब्जा है और उनका आरक्षण किस उद्देश्य के लिए किया गया था। यह जिम्मेदारी नागपुर महानगरपालिका और नासुप्र को सौंपी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के माध्यम से एक स्वतंत्र सर्वेक्षण भी कराया जाए। इस प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट होगा कि कौन-सी जमीनें खेल मैदानों या उद्यानों के लिए आरक्षित हैं।
गडकरी ने निर्देश दिए कि ऐसे आरक्षित स्थलों को नियमानुसार विकसित कर शहरवासियों के लिए उपलब्ध कराया जाए, जिससे नागपुर को अतिक्रमण के जाल से बाहर निकाला जा सके।




