(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर : नगर परिषद क्षेत्र में कार्यरत ड्राइवरों ने सोमवार, दिनांक 02.03.2026 को दीप्ति सोनटक्के (नगराध्यक्ष, नगर परिषद कार्यालय घुग्घुस) तथा रविश सिंग (अर्थ, नियोजन एवं सांस्कृतिक विभाग सभापति) को लिखित निवेदन सौंपकर SLPL कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
ड्राइवरों का कहना है कि वे वर्ष 2023 से लगातार काम कर रहे हैं। उनके पास SLPL कंपनी के सभी वैध आईडी कार्ड और पेमेंट बैक स्टेटमेंट मौजूद हैं, इसके बावजूद कंपनी अब उन्हें अपना कर्मचारी मानने से इंकार कर रही है। आरोप है कि “तुम इस कंपनी के वर्कर नहीं हो” कहकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।
इतना ही नहीं, सभी ड्राइवर घुग्घुस के निवासी होने के बावजूद उन पर “गांव के मूल निवासी नहीं” होने का आरोप लगाकर “गांवद्रोही” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्राइवरों ने इसे न केवल अपमान बल्कि उनके अधिकारों का खुला हनन बताया है।
पूर्व में भी दिया गया था निवेदन
ड्राइवरों ने बताया कि दिनांक 08.02.2026 को भी उन्होंने लिखित निवेदन देकर दिवाली बोनस, GR अनुसार भुगतान और अन्य बकाया मुद्दों को उठाया था। उस समय कंपनी द्वारा बैठक में सहमति भी दी गई थी। लेकिन आज तक वास्तविक भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद दोबारा चर्चा और लिखित सहमति के बावजूद भी कंपनी ने वादा पूरा नहीं किया। इससे ड्राइवरों में भारी असंतोष और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
23 फरवरी की बैठक का भी नहीं निकला परिणाम
ड्राइवर प्रतिनिधियों और कंपनी प्रबंधन के बीच 23.02.2026 को अंतिम बैठक रखी गई थी, जिसमें निम्न मुद्दों पर निर्णय की मांग की गई थी—
- लंबित दिवाली बोनस का तत्काल भुगतान
- GR के अनुसार बकाया वेतन का भुगतान
- जिन ड्राइवरों पर GR लागू नहीं किया गया, उन्हें तत्काल लागू करना
- पूर्व बैठकों में किए गए वादों का लिखित पालन
ड्राइवरों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे सामूहिक एवं कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
ड्राइवरों का आरोप है कि बार-बार निवेदन और चेतावनी के बावजूद कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ ड्राइवरों ने यहां तक कहा कि प्रशासन की चुप्पी “कंपनी के पक्ष में काम करने” जैसी प्रतीत हो रही है।
इस मामले में नगराध्यक्ष दीप्ति सोनटक्के और सभापति रविश सिंग ने SLPL कंपनी मैनेजमेंट और WCL कंपनी के अधिकारियों को नगर परिषद कार्यालय में बुलाकर बैठक लेने का आश्वासन दिया है। ड्राइवरों को दो दिन प्रतीक्षा करने के लिए कहा गया था।
हालांकि खबर लिखे जाने तक SLPL कंपनी प्रबंधन और WCL कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक स्पष्टीकरण या जवाब सामने नहीं आया है।
अब देखना यह है कि क्या प्रस्तावित बैठक में ड्राइवरों की समस्याओं का समाधान निकलता है या फिर यह विवाद और गहराता है। फिलहाल घुग्घुस में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश और असंतोष का माहौल बना हुआ है।




