(प्रणयकुमार बंडी)
चंद्रपुर/यवतमाल : चंद्रपुर और यवतमाल जिलों में फर्जी पत्रकारों और कथित फर्जी प्रेस क्लब के नाम पर की जा रही अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि कुछ फिरौतीबाजों ने प्रतिष्ठित अखबारों और मीडिया संस्थानों के नाम का दुरुपयोग करते हुए स्वयं को पत्रकार और प्रतिनिधि बताकर विभिन्न कंपनियों, व्यापारियों और संस्थानों से लाखों रुपये वसूल किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने “प्रेस क्लब” के नाम से फर्जी लेटर पैड तैयार कर कंपनियों और उद्योगों को विज्ञापन अथवा सहयोग के नाम पर पत्र भेजे। इन पत्रों में बड़े और प्रतिष्ठित अखबारों के प्रतिनिधियों के नाम शामिल किए गए, जबकि कई नामों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं पाया गया। कुछ मामलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी भ्रमित करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, चंद्रपुर (घुग्घुस क्षेत्र) में सक्रिय इस कथित गिरोह ने कोल वॉशरी, उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दबाव की रणनीति अपनाई। विरोध करने पर बदनाम करने या खबर प्रकाशित करने की धमकी भी दी गई। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में अवैध वसूली की रकम लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है।
मामले के उजागर होने के बाद असली और मान्यता प्राप्त पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से मीडिया की साख को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। कई वरिष्ठ पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। लेकिन चर्चा है कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और जल्द ही फर्जी पत्रकारों व प्रेस क्लब के नाम पर हो रही अवैध वसूली का पर्दाफाश किया जा सकता है।
फिलहाल यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।




