प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस (चंद्रपुर) : आगामी नगरपरिषद चुनाव के मद्देनज़र प्रभाग क्रमांक 10 में संभावित उम्मीदवार सोमेश्वर लिंबाजी मुंडे की भूमिका लगातार चर्चा में है। बीते पाँच वर्षों से नेट कैफे व ऑनलाइन सेवा केंद्र का सफल संचालन कर रहे मुंडे ने शासकीय कामकाज, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सेवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद नजदीक से समझा है। प्रतिदिन नागरिकों से सीधे संपर्क के कारण उन्हें प्रभाग की वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ है।
सोमेश्वर मुंडे केवल आश्वासनों तक सीमित न रहकर अब तक कई सामाजिक व नागरिक कार्यों में सक्रिय दिखाई दिए हैं। दिव्यांग नागरिकों के घर जाकर निशुल्क जीवन प्रमाण-पत्र बनवाना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे जरूरतमंदों को राहत मिली। वहीं, उन्होंने मुख्याधिकारी, नगरपरिषद घुग्घूस को विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर लगातार निवेदन सौंपे हैं।
चांदशवली दर्गा परिसर में ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर कचरा सफाई की मांग, नालियों में जमा पानी से हो रही गंदगी व सर्प जैसे जीवों की समस्या पर तात्कालिक उपाय, घरों के सामने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट शुरू करने की मांग—ये सभी मुद्दे प्रभाग की बुनियादी समस्याओं को उजागर करते हैं। इसके अलावा साई बाबा मंदिर परिसर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी उन्होंने पहल की है, जिनमें नाली को भूमिगत कर कंपाउंड करने, मंदिर परिसर में जल व्यवस्था, तथा बहादे ग्राउंड में उद्यान, बैठने की सुविधा और बच्चों के लिए खेल उपकरण लगाने की मांग शामिल है।
चुनावी दृष्टि से देखा जाए तो सोमेश्वर मुंडे की सबसे बड़ी ताकत उनका डिजिटल और शासकीय प्रक्रियाओं का अनुभव माना जा रहा है। उनका दावा है कि सरकार की हर योजना को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से प्रभाग के अंतिम नागरिक तक पहुंचाने की क्षमता उनके पास है। हालांकि, मतदाताओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि चुनावी मैदान में उतरने के बाद वे इन मुद्दों को कितनी प्राथमिकता और प्रभावी ढंग से अमल में लाते हैं।
कुल मिलाकर, प्रभाग क्रमांक 10 में सोमेश्वर मुंडे एक ऐसे दावेदार के रूप में उभर रहे हैं जो डिजिटल दक्षता के साथ-साथ जमीनी समस्याओं पर भी पकड़ रखते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उनके अनुभव और कार्यशैली पर कितना भरोसा जताती है।






