(प्रणयकुमार बंडी)
चंद्रपुर जिले के घुग्घुस शहर की राजनीति इन दिनों भाजपा के भीतर खींचतान और बदलते समीकरणों के कारण सुर्खियों में है। 30 अगस्त 2025 को विधायक किशोर जोरगेवार के मार्गदर्शन में आयोजित पक्ष प्रवेश व सत्कार कार्यक्रम ने यह चर्चा और गहरी कर दी।
जोरगेवार का संदेश
जोरगेवार ने इस मौके पर कहा कि भाजपा केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का एक माध्यम है।
“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को भाजपा की असली विचारधारा बताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि इसे हर घर तक पहुँचाना ही संगठन का लक्ष्य है।
ध्यानाकर्षण : कार्यकर्ताओं का आना-जाना
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा का कारण वह कार्यकर्ता रहे, जिन्होंने पहले भाजपा छोड़ी थी और अब पुनः पार्टी में लौट आए। उनके साथ कुछ नए चेहरे भी भाजपा से जुड़े।
लेकिन इससे कई सवाल खड़े होते हैं :
कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर क्यों गए थे? क्या स्थानीय स्तर पर गुटबाजी या नेतृत्व से असंतोष इसकी वजह रहा? अगर निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी छोड़ते हैं, तो क्या भाजपा कमजोर होती है? और वही कार्यकर्ता लौट आते हैं तो क्या इससे संगठन वाकई मजबूत हो जाता है?
अंदरूनी राजनीति की झलक
स्थानीय स्तर पर यह साफ दिख रहा है कि भाजपा के भीतर गुटबाजी मौजूद है। कुछ कार्यकर्ता असंतोष या उपेक्षा के कारण पार्टी छोड़ते हैं। चुनावी समीकरण बदलते ही वही कार्यकर्ता वापस लौट आते हैं।
इससे जनता और निष्ठावान कार्यकर्ताओं में यह संदेश जाता है कि विचारधारा से ज्यादा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
संगठन पर असर
अल्पकाल में लौटे हुए कार्यकर्ताओं से संगठन संख्या बल में मजबूत दिख सकता है. लेकिन दीर्घकाल में लगातार आने-जाने से कार्यकर्ताओं की निष्ठा और जनता का विश्वास दोनों कमजोर हो सकते हैं। यह भी चर्चा है कि क्या भाजपा स्थानीय स्तर पर नए नेतृत्व को उभरने दे रही है या नहीं।
घुग्घुस भाजपा की राजनीति इस समय चौराहे पर खड़ी है। एक तरफ जोरगेवार जैसे नेता समाजहित और विकास का संदेश दे रहे हैं। दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं का आना-जाना संगठन की स्थिरता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
आने वाले चुनावों में यह तय होगा कि भाजपा इन आंतरिक चुनौतियों से उबरकर जनता का विश्वास जीत पाती है या गुटबाजी और असंतोष इसका नुकसान कराते हैं।





