घुग्घुस (चंद्रपुर): शहर के विभिन्न हिस्सों में तेजी से बढ़ रही भंगार (स्क्रैप) दुकानों की संख्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन दुकानों पर इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप कहां से आ रहा है, इस पर अब संदेह जताया जा रहा है। इसी संदर्भ में कुछ दिनों पहले जेटवर्थ कंपनी से लोहे की रॉड चोरी होने की घटना सामने आई थी, जिसकी कुल कीमत ₹59,970 बताई गई थी। इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नकोडा क्षेत्र के तीन और चामोर्शी क्षेत्र के एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गई लोहे की रॉड बरामद कर ली गई है, जिसकी कुल कीमत ₹59,970 है।
यह कार्रवाई थाना प्रभारी प्रकाश राऊत के मार्गदर्शन में अपराध शाखा के मनोज धकाते, विशाल और महेश भोयर की टीम ने की।
कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सूत्रों की मानें तो जिस कंपनी से चोरी हुई है, उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है। कंपनी की संपत्ति और सामग्री की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा गार्ड्स की भूमिका अब संदिग्ध मानी जा रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस चोरी में कंपनी के ही कुछ लोग शामिल हो सकते हैं? क्या पुलिस केवल चोरी के आरोपियों तक ही सीमित रहेगी या कंपनी के कर्मचारियों और भंगार खरीदने वालों पर भी कठोर कार्रवाई करेगी?
फिलहाल इस मामले पर सभी की निगाहें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




