वाराणसी, उत्तर प्रदेश: महाशिवरात्रि 2025 के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने विशेष पूजा के बाद कहा, “महाशिवरात्रि के अवसर पर, सभी पांच अखाड़ों ने महादेव की पूजा-अर्चना की और महाकुंभ की ‘पूर्णाहुति’ के लिए ‘अभिषेक’ किया.”
शिवालयों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
काशी विश्वनाथ धाम में अलसुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा. मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया, और विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए. अखाड़ों के संन्यासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया.
अखाड़ों की भागीदारी से विशेष महत्व
काशी में महाशिवरात्रि के पर्व पर साधु-संतों की विशेष भागीदारी रहती है. इस वर्ष निरंजनी, जूना, महानिर्वाणी, अटल और अग्नि अखाड़े के संतों ने मिलकर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया और महाकुंभ 2025 की आध्यात्मिक पूर्णता के लिए प्रार्थना की.
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
मंदिर प्रशासन के अनुसार, लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, और कतारों में घंटों इंतजार करने के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए. मंदिर प्रांगण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा.
काशी में महाशिवरात्रि की यह आध्यात्मिक भव्यता न केवल स्थानीय भक्तों, बल्कि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए भी अविस्मरणीय रही.




