चंद्रपुर: चंद्रपुर जिला प्राकृतिक संपदा से समृद्ध और शांतिप्रिय माना जाता है. इस जिले में कोयला, सीमेंट और अन्य उद्योगों का व्यापक नेटवर्क है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं. जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ वन उपज आधारित उद्योग भी नागरिकों की आजीविका का साधन हैं. इसलिए जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियां, जो आम जनता को परेशानी पहुंचाएं या सरकार और प्रशासन की बदनामी करें, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अवैध धंधों में लिप्त लोगों के खिलाफ प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसा स्पष्ट निर्देश महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री और चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री डॉ.अशोक उईके ने दिया है.
यह निर्देश उन्होंने जिला योजना सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए, जिसमें कोयला खदान प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के पुनर्वास और उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि जिले में कई कोयला खदानें हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर कोयले का उत्पादन किया जाता है. इन परियोजनाओं के लिए ग्रामीणों ने अपनी जमीनें दीं, लेकिन 15-20 वर्षों के बाद भी प्रभावितों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और उनका उचित पुनर्वास नहीं किया गया.
उन्होंने आगे कहा कि कोयले की अवैध तस्करी, अवैध खनन, सरकारी आदेशों की अवहेलना, गांववासियों को धमकाना, बिना सहमति सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और स्थानीय लोगों को नौकरियों में शामिल न करना जैसी शिकायतें सामने आई हैं. प्रशासन को इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर दोषियों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
चंद्रपुर जिला महाराष्ट्र के सीमांत क्षेत्र में स्थित है और इसकी सीमा तेलंगाना राज्य से लगती है, जिससे गोवंश और गुटखा की तस्करी की संभावना बनी रहती है. पुलिस प्रशासन को इस पर कड़ी नजर रखनी होगी. इसके अलावा, चंद्रपुर जिले से सटे वर्धा और गढ़चिरौली जिले शराबबंदी क्षेत्र में आते हैं, जिससे यहां अवैध शराब की तस्करी बढ़ने की आशंका रहती है। इस पर सख्त नियंत्रण आवश्यक है.
पालकमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि जिले में सक्रिय शराब तस्करों और रेत माफियाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन को अवैध धंधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
इस बैठक में सांसद प्रतिभा धानोरकर, विधायक करण देवतले, जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.




