वाशिंगटन, डीसी: प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका की एक महत्वपूर्ण और सफल यात्रा पूरी की. यह यात्रा राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री की पहली अमेरिका यात्रा थी, जो भारत-अमेरिका संबंधों को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है.
रणनीतिक चर्चा और उच्च स्तरीय मुलाकातें
प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ चार घंटे लंबी महत्वपूर्ण बैठक की. इस चर्चा में रक्षा, व्यापार, आर्थिक सहयोग, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सुरक्षा, और वैश्विक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई.
राष्ट्रीय खुफिया विभाग की नई निदेशक से भेंट
प्रधानमंत्री ने अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया विभाग की नई नियुक्त निदेशक तुलसी गबार्ड से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा और खुफिया साझेदारी को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया.
एलन मस्क और विवेक रामास्वामी से मुलाकात
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से भी मुलाकात की. दोनों के बीच भारत में नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और अंतरिक्ष सहयोग को लेकर चर्चाएं हुईं. इसके अलावा, भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी से भी प्रधानमंत्री ने मुलाकात की और स्टार्टअप, नवाचार और निवेश के क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की.
भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति
इस यात्रा ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग को एक नई गति प्रदान की है. दोनों देशों के नेताओं ने साझा मूल्यों और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई. यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए बल्कि वैश्विक रणनीतिक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.




