आसमानी संकट से जूझ रहे बलिराजा को कर्जमाफी दें : हेमंत पाटिल
मुंबई : ऐतिहासिक जीत के बाद महागठबंधन में शामिल तीनों दलों को चुनाव के दौरान मतदाताओं से किये गये वादों को पूरा करने को प्राथमिकता देनी चाहिए. विशेष रूप से किसानों को ऋण माफी देकर बलिराजा को आसमान छूते संकट से बाहर निकाला जाना चाहिए. इंडिया अगेन्स्ट करप्शनचे राष्ट्रीय अध्यक्ष, ओबीसी नेता अध्यक्ष हेमंत पाटिल ने अपील की कि सरकार को रोजगार सृजन पर आवश्यक जोर देकर युवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए. राज्य में नई सरकार का गठन हो चुका है. पाटिल ने यह भी मांग की है कि अभूतपूर्व जीत के बाद सत्ता में आए नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस को मराठा के साथ-साथ कई वर्षों से लंबित धनगर आरक्षण का मुद्दा भी सुलझाना चाहिए. और ओबीसी आरक्षण.
मराठा आरक्षण का मुद्दा सही नेतृत्व से ही हल हो सकता है. मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए पहले भी देवेंद्र फड़णवीस ने कोशिश की थी. अब पाटिल ने पुरजोर मांग की है कि सरकार मराठा समुदाय के साथ-साथ धनगर समुदाय के आरक्षण पर भी ठोस फैसला ले. चुनाव में जाने से पहले शिंदे सरकार ने लाड़की बहिन योजना लागू की थी. अगर सरकार सत्ता में वापस आती है तो इस योजना के जरिए महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया था. हालांकि सरकार को इस योजना के जरिए राज्य के खजाने पर दबाव कम करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा सरकार को वादे पूरे करने पर कायम रहना चाहिए ये राय पाटिल ने व्यक्त की.
अतीत में, कई उद्योगों ने महाराष्ट्र को प्राथमिकता नहीं दी और अपनी परियोजनाओं को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया. पाटिल ने कहा कि नई सरकार को राज्य में उद्योगों का निवेश बढ़ाकर रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है फड़नवीस रहेंगे. इसलिए, पाटिल ने कहा कि फड़नवीस को सहयोगी दलों शिव सेना (शिंदे समूह) और राष्ट्रीय कांग्रेस (अजित पवार समूह) के साथ रणनीतिक निर्णय जल्दी लेने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी.




