Thursday, April 30, 2026

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वेब पोर्टल पर प्रकाशित समाचारों के कारण मानहानि/अपमानजनक क्षति के संबंध में संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करें : जितेंद्र गादेवार

चंद्रपूर : जितेंद्र अमरेश्वर गादेवार (37) जो पिछले छह वर्षों से चंद्रपुर में नायक तहसीलदार के रूप में कार्यरत है. गादेवार इस बीच, अपने पद और अपने प्रशासन से सम्मानित महसूस कर रहे है. गादेवार (दिनांक 02/11/2024) को उनके एक परिचित ने व्हाट्सएप पर एक समाचार का लिंक भेजा था. लिंक खोलकर पढ़ा तो समाचार सामने आया कि नायक तहसीलदार गादेवार का आदेश, घुग्घुस क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन, 40 माह का पंचनामा दें और रेत का अवैध परिवहन करें? उक्त समाचार में मेरा नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित है तथा अवैध रेत परिवहन हेतु मुझे स्पष्ट रूप से उत्तरदायी ठहराया गया है. ऐसी झूठी खबरों से जनता के मन में एक अधिकारी के रूप में गादेवार की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ-साथ नायक तहसीलदार के सम्मान को भी ठेस पहुंची है और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है.

अनावेदक ने सामाजिक चेतना का ध्यान न रखते हुए अत्यंत गैरजिम्मेदाराना ढंग से यह समाचार प्रकाशित किया है, जिससे गादेवार गंभीर मानसिक आघात पहुंचा है तथा मैं अत्यंत व्यथित हुआ है. ऐसी गैर-जिम्मेदाराना और झूठी खबर के कारण नायक तहसीलदार पद से गरिमा राजस्व प्रशासन और समग्र रूप से प्रशासन को बहुत बड़ी क्षति हुई है.

पोर्टल और इसके संपादक के खिलाफ भारतीय संहिता की धारा 356 और अन्य सहायक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. ऐसी शिकायत आवेदन (दिनांक 03/12/24) गादेवार ने पुलिस निरीक्षक, थाना रामनगर पुलिस स्टेशन में दिया है.

जितेंद्र अमरेश्वर गादेवार के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में चंद्रपुर की जिला अदालत में 1 करोड़ रुपये के हर्जाने के लिए एक सिविल मुकदमा और एक आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा.

शहर में क्या चर्चाएं हैं?
पिछले कुछ दिनों से शहर में रेत परिवहन अधिकारियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. वाकाई में शहर में अवैध परिवार हो रहा है या कानूनी परिवहन हो रहा है किसी के समाज के परे हैं. हालाँकि, आसमान छूती दरों से संकेत मिलता है कि इसे कानूनी परिवहन माना जाता है? क्योंकि इन चालकों और मालिकों को अधिकारियों का कोई डर नजर नहीं आता. कार्रवाइयों के बाद भी वहां आम नागरिकों के बीच कुछ न कुछ अवैध लेन-देन हो रहा है और ये चर्चा भी सड़क-चौराहों का हिस्सा बन गई है. जिसे न्यूज पोर्टल में प्रकाशित किया गया है, जो अब सिरदर्द बन गया है. लेकिन क्या पुलिस इन चर्चाओं की स्पष्ट जांच कर अवैध लेनदेन करने वाले गिरोहों पर कार्रवाई कर पाएगी? वह आने वाले दिनों में सामने आएगा. या स्व-पत्रकार सबूत पेश करेंगे? ये सबसे बड़ा सवाल है.

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Pranaykumar Bandi

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