घुग्घुस : शहर में पिछले कुछ दिनों से बेमौसम बारिश का कहर देखा जा रहा है. दूसरी ओर, भारी परिवहन और पुलों का निर्माण शहर में चिंता का विषय बन गया है. लेकिन वेकोली के अधिकारी तमाम समस्याओं को दरकिनार कर अपने कोयले के उत्पादन और ट्रांसपोर्ट करने पर जोर दे रहे हैं. समस्याओं के संदर्भ में पूछने गए लोगों को उचित जवाब नहीं दिया जा रहा है. लेकिन केंद्र से जुड़े होने का हवाला दिया जा रहा हैं ऐसा शहर में चर्चा है.
डब्ल्यूसीएल नागपुर मुख्यालय के मुख्य प्रबंध निदेशक ने आज (08.05.2023) नकोड़ा में नकोड़ा-मुंगोली पुलिया का दौरा किया. क्योंकि वेकोली द्वारा बनाई गई दोनों पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. जिसमें से एक पुलिया आंखों के सामने से पूरी तरह गायब हो चुकी है. सीएमडी से मिलने पास ही में स्थित रेती घाट के मालिक पोहूंचे. लेकिन तभी तडाली मुख्य महाप्रबंधक और रेती घाट मालिक के बीच अनबन हो गई और सरकारी काम का हवाला देकर सीएमडी से मिलने से रोक दिया गया और कार्यालय में चर्चा के लिए बुलाया गया.
घुग्घुस कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व रेत (बालू) घाट मालिक जावेद सिद्दीकी का मानना है कि पिछली बार नकोड़ा रेत घाट में पानी जाम हो गया था. क्योंकि डब्ल्यूसीएल कर्मचारियों व कोयले की ढुलाई के लिए सुगम मार्ग बनाने के लिए नकोड़ा-मुंगोली पुलिया के पास होम पाइप बिछाया गया था. जिससे घाट पानी से भर गया और रेत खनन में गिरावट आई. हम रेत का खनन नहीं कर सकते. जिससे घाटों में चल रहे रहे ट्रैक्टर मालिकों, चालकों, मजदूरों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि साढ़े चार सौ लोगों की रोजी रोटी का सवाल है. आज सीएमडी के आने की सूचना मिली थी वे सीएमडी से मिलने वर्धा नदी घाट पहुंचे. लेकिन तब मुख्य महाप्रबंधक ने उन्हें सीएमडी से मिलने नहीं दिया. तडाली के मुख्य महाप्रबंधक को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ताकि लोगों को रोजगार मिले.
नकोड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच के किरण बांदुरकर ने कहा कि हम घाट में काम करने वाले मजदूरों की समस्या को लेकर सोमवार को सीएमडी से मिलने की कोशिश की, लेकिन क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों ने मिलने से रोक दी और हाईटेंशन में नजर आए. इनमें से 400 से अधिक कामगोरों के समस्याओं का समाधान करना चाहिए. इसके लिए हम निश्चित रूप से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पत्रव्यवहार करेंगे.




