नागपुर : बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से बनाए गए बंगले को तोड़े जाने के खिलाफ अबू उर्फ फिरोज खान और उसके परिवार की ओर से दायर याचिका को सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
नवभारत समाचार के अनुसार अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह से अवैध अतिक्रमण और निर्माण कार्य करने वालों को आवास देना सही नहीं होगा. अबू और उसके परिवार ने बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की 9,450 वर्ग फीट की जमीन पर अपना बंगला बनाया है. नगर निगम व नगर नियोजन विभाग ने जब संपत्ति के दस्तावेज और निर्माण कार्य का स्वीकृत नक्शा मांगा तो कोई दस्तावेज जमा नहीं कराया, इसलिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया. इसके खिलाफ खान परिवार के वकील ने निचली अदालत में अस्थायी निषेधाज्ञा की अपील दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था.
इसके बाद सत्र न्यायाधीश डीएस घुमरे की अदालत ने निचली अदालत के फैसले का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी. अबू परिवार के वकील दीपेश मेहता ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए समय मांगा है. कोर्ट ने उन्हें 4 हफ्ते का समय दिया है. महानगर पालिका की तरफ से अधी. सचिन अग्रवाल और बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की तरफ से अधी. सुमित बोडलकर ने अपना पक्ष रखा.




