(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर : वडा, धानोरा और पांडरकवडा गांवों के रेती घाटों पर इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय नागरिकों के ट्रैक्टरों के साथ-साथ बाहरी वाहनों की आवाजाही बेखौफ जारी है। सवाल यह है कि जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों पर ही क्यों?
क्षेत्र में चर्चा है कि प्रशासन की कार्रवाई भेदभावपूर्ण है। कुछ ट्रैक्टरों को रोका जाता है, तो कुछ को खुली छूट दी जाती है। इतना ही नहीं, हाल ही में कुछ वाहनों को रोके जाने के बाद कथित तौर पर संबंधित कर्मचारियों के गांव जाकर वाहन छुड़वाने की घटना ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। क्या यह संकेत नहीं देता कि कहीं न कहीं कोई “ऊपर” से संरक्षण मिल रहा है?
सबसे बड़ा प्रश्न यही है — आखिर वह कौन है जो रेत तस्करों को पनाह दे रहा है? अवैध उत्खनन से शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है और नदी घाटों का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके बावजूद यदि माफिया सक्रिय हैं, तो यह प्रशासनिक निष्क्रियता या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
क्षेत्र में यह भी चर्चा जोरों पर है कि कुछ तथाकथित पत्रकारों को आर्थिक “चढ़ावा” देकर खबरों को दबाने या दिशा बदलने का प्रयास किया जा रहा है। यदि यह सच है तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। पत्रकारिता का दायित्व सच को सामने लाना है, न कि अवैध कारोबार को संरक्षण देना।
वडा, दानोरा और पांडरकवडा के नाम पर पूरे क्षेत्र को बदनाम करने की साजिश भी नजर आ रही है। कुछ मुट्ठीभर तस्करों की करतूतों से पूरे गांव की छवि धूमिल हो रही है। ईमानदार नागरिकों और वैध व्यवसाय करने वालों को भी संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा है।
अब समय आ गया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है, उनकी भी जवाबदेही तय हो।
यदि प्रशासन सचमुच पारदर्शिता और कानून के राज में विश्वास रखता है, तो उसे दिखाना होगा कि कानून सबके लिए समान है — चाहे वह स्थानीय हो या बाहरी, प्रभावशाली हो या साधारण नागरिक। अन्यथा, यह अवैध रेत कारोबार न केवल पर्यावरण को खोखला करेगा, बल्कि शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी रेत की तरह बहा ले जाएगा।




