(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घूस, चंद्रपूर | घुग्घूस नगरपरिषद की उदासीनता एक बार फिर आम नागरिकों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आ रही है। प्रभाग क्रमांक 10 में रमेश पांडुरंग जुनारकर के दुकान के पास स्थित स्पीड ब्रेकर की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। टूटे-फूटे और उखड़े हुए इस स्पीड ब्रेकर ने अब सीधे तौर पर नागरिकों की जान को जोखिम में डाल दिया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह स्पीड ब्रेकर लंबे समय से खराब अवस्था में है, लेकिन नगरपरिषद की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस इलाके से रोज़ाना छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। स्पीड ब्रेकर की खराब स्थिति के कारण कई बार वाहन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है।
रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। स्पीड ब्रेकर पर न तो रंगकाम है और न ही कोई चेतावनी संकेत, जिससे अंधेरे में वाहन चालकों को उसका अंदाज़ा ही नहीं लग पाता। यह सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही नहीं तो और क्या है?
इस गंभीर मुद्दे को लेकर सोमेश्वर लिंबाजी मुंडे ने नगराध्यक्ष एवं मुख्याधिकारी को लिखित निवेदन देकर तात्काळ दुरुस्ती, उचित रंगकाम और संकेतक लगाने की मांग की है। सवाल यह है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक क्या नगरपरिषद नींद से नहीं जागेगी?
घुग्घूस नगरपरिषद को चाहिए कि वह सिर्फ कागज़ी कार्यवाही तक सीमित न रहे, बल्कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत मौके पर कार्रवाई करे। वरना किसी दुर्घटना की जिम्मेदारी से बच पाना मुश्किल होगा। अब देखना यह है कि प्रशासन चेतता है या फिर किसी अनहोनी का इंतज़ार किया जाएगा।




