(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर | घुग्घुस नगर परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रभाग क्रमांक 04 (वार्ड क्रमांक 6) में पिछले लंबे समय से जारी गंभीर पेयजल संकट को लेकर रोहन आगदारी द्वारा दिए गए निवेदन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नगर परिषद की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही साफ झलकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 6 में नगर परिषद परिसर के अंतर्गत स्थित पानी टंकी का आर.ओ. प्लांट कई दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। जबकि इसी आर.ओ. प्लांट पर क्षेत्र के सैकड़ों नागरिक स्वच्छ पेयजल के लिए निर्भर हैं। हालात यह हैं कि नागरिकों को मजबूरी में दूर-दराज के इलाकों से आर.ओ. पानी लाना पड़ रहा है, जिससे आम जनता को समय, पैसा और मेहनत तीनों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि इस गंभीर समस्या को लेकर दिनांक 26 अगस्त 2025 को नगर परिषद प्रशासन को लिखित निवेदन दिया गया था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो आर.ओ. प्लांट शुरू किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अब नागरिकों द्वारा 16 जनवरी 2026 को स्मरण निवेदन सौंपकर प्रशासन को दोबारा जगाने का प्रयास किया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब नगर परिषद परिसर में आर.ओ. प्लांट और बोरिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, तो उन्हें चालू रखने में प्रशासन को आखिर इतनी परेशानी क्यों हो रही है? क्या नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर परिषद की प्राथमिकता में शामिल नहीं है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। गर्मी का मौसम नजदीक है और ऐसे में पानी की समस्या ने अभी से प्रशासन की पोल खोल दी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगराध्यक्ष और मुख्याधिकारी इस स्मरण निवेदन को गंभीरता से लेते हैं या फिर यह पत्र भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो नागरिकों में रोष बढ़ना तय है और आंदोलन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।




