(प्रणयकुमार बंडी)
महाराष्ट्र : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आखिरकार राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों की तारीखें घोषित कर दी हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान 2 दिसंबर 2025 को होगा, जबकि 3 दिसंबर 2025 को मतगणना की जाएगी।
यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें अदालत ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि 31 जनवरी 2025 से पहले सभी लंबित स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव संपन्न किए जाएं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार के चुनाव में 1 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और बैलेट यूनिट दोनों माध्यमों से संपन्न की जाएगी।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गति
राज्य में लंबे समय से स्थगित स्थानीय निकाय चुनावों के कारण प्रशासनिक स्तर पर कई विकास योजनाएं अटकी हुई थीं। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह प्रक्रिया दोबारा सक्रिय हुई है। अब स्थानीय प्रतिनिधियों के चुनाव से विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न दलों ने उम्मीदवारों की सूची तैयार करने, आंतरिक समीकरण साधने और जनसंपर्क अभियान की रणनीति तय करने की कवायद शुरू कर दी है। शहरी निकायों में स्थानीय मुद्दे — जैसे पानी, सड़क, सफाई और कर व्यवस्था — मुख्य चुनावी एजेंडा बन सकते हैं।
आयोग की सख्ती
राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में कराई जाएगी।
इस घोषणा से राज्य में स्थानीय लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि राजनीतिक दल इस चुनावी परीक्षा में जनता के स्थानीय मुद्दों को कितना प्राथमिकता देते हैं और मतदाता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।




