घुग्घुस, चंद्रपुर – थकीत वेतन और रोजगार की मांग को लेकर शुरू हुए आंदोलन को आखिरकार सफलता मिल गई है। शनिवार (23 अगस्त 2025) सुबह 4 बजे से विदर्भ मिनरल्स एंड एनर्जी कंपनी परिसर में जारी यह आंदोलन विधायक किशोर जोरगेवार की मध्यस्थता के बाद समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, रोजगार और बकाया वेतन की मांग को लेकर आठ आंदोलनकारी टावर (चिमनी) पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच विधायक जोरगेवार ने खुद आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मजदूरों व कंपनी प्रबंधन के बीच चार घंटे तक बैठक की। उनकी पहल पर समझौता हुआ और आंदोलनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया।

समझौते के मुख्य बिंदु
कंपनी प्रबंधन ने 103 प्रोजेक्ट प्रभावितों को 10 सितंबर से छह माह के लिए ठेका पद्धति पर काम देने पर सहमति जताई।
छह माह के बाद सभी प्रभावितों को स्थायी रूप से समाविष्ट करने का लिखित आश्वासन दिया गया।
मजदूरों का बकाया वेतन और सेवा सुविधाओं के समाधान पर भी सहमति बनी।
आंदोलन के दौरान संगठन के महासचिव महेंद्र मारोती वडसकर ने कहा था कि “कामगारों का बकाया वेतन, सेवा सुविधाएँ और रोजगार की गारंटी देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2012-13 से प्रोजेक्ट बंद है और 2017 में कंपनी NCLT के अंतर्गत आने के बाद भी स्थायी कामगारों की समस्याएँ हल नहीं हुईं।
विधायक जोरगेवार ने आंदोलन स्थल पर ही स्पष्ट कहा कि “कामगारों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जब तक समाधान नहीं निकलता मैं यहां से नहीं हटूंगा।” अंततः लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांग पूरी मानते हुए आंदोलन समाप्त किया।
इस मौके पर राजस्व विभाग के उपविभागीय अधिकारी संजय पवार, एसडीपीओ सुधाकर यादव, तहसीलदार ओमकार ठाकरे, थाना प्रभारी राऊत, कंपनी प्रबंधन के आशिष नरळ और दीपक गुप्ता, भाजपा नेता आशिष मासीरकर, प्रवीण लांडगे उचगाव सरपंच निविदा ठाकरे, उपसरपंच मंगेश आसुटकर और मंडल अध्यक्ष विनोद ठेवले भी उपस्थित थे।
यह समझौता आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।





