(प्रणयकुमार बंडी)
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित घुग्घुस शहर, जो भीषण प्रदूषण के लिए पहले से ही बदनाम है, घुग्घुस से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुर्सा और बेलसनी गांव के समीप एक नए उद्योग “मिलीयन स्टील प्राइवेट लिमिटेड” की स्थापना हेतु पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए शुक्रवार, 30 मई 2025 को जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई विरोध, समर्थन और तीखी बहसों के बीच संपन्न हुई।
अधूरी सूचना, अधूरा जनसमर्थन
यह जनसुनवाई महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका आयोजन स्थल महामाया कोल वॉशरी के सामने ताड़ाली-घुग्घुस मार्ग पर रखा गया था। यद्यपि जनसुनवाई की पूर्व सूचना दी गई थी, परंतु कई लोगों का कहना था कि यह सूचना आम जनता तक समय पर और प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण कई नागरिक इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से अंजान रहे।
विरोध के स्वर
जनसुनवाई सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चली, जिसमें ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विरोध करने वालों का मुख्य तर्क था कि कंपनी की पर्यावरणीय रिपोर्ट में कई खामियाँ हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने उपस्थित अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे, लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। किसानों ने आशंका जताई कि संयंत्र से उत्पन्न प्रदूषण के कारण उनकी फसलों को नुकसान होगा।
समर्थन की शर्तें
दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों और नेताओं ने परियोजना का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने भी स्पष्ट शर्तें रखीं — जैसे स्थानिक युवाओं को रोजगार, किसानों को उचित मुआवजा, जल संरक्षण, गांवों का समुचित विकास, प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना और नदी में डैम निर्माण की मांग। उनका मानना था कि यदि कंपनी पर्यावरणीय मानकों का पालन करती है तो यह परियोजना क्षेत्र के विकास और रोजगार के नए अवसरों के लिए सहायक सिद्ध हो सकती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जनसुनवाई के दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती से माहौल शांतिपूर्ण बना रहा, हालांकि पर्यावरणविदों और नेताओं के बीच बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली।
कंपनी का प्रस्तावित प्रोजेक्ट
मिलीयन स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 55 एकड़ भूमि पर एक बड़े औद्योगिक प्रकल्प की योजना बनाई गई है, जिसमें निम्नलिखित निर्माण शामिल हैं:
स्पॉन्ज आयरन उत्पादन: 2,31,000 टीपीए (2×350 TPD DRI किल्न)
स्टील मेल्टिंग शॉप: 2,64,000 टीपीए बिलेट्स (4×20 टन इंडक्शन फर्नेस, 1×25 टन लाडल फर्नेस, 4 स्टैंड कंटीन्युअस कास्टिंग मशीन)
रोलिंग मिल: 1,32,000 टीपीए टीएमटी बार्स, वायर और हल्के निर्माण उत्पाद
पावर प्लांट: कुल 30 मेगावाट (20 मेगावाट WHRB, 10 मेगावाट AFBC)
प्रशासनिक उपस्थिति
जनसुनवाई में उपजिला अधिकारी नितिन व्यवहारे, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रादेशिक अधिकारी संदीप पाटिल, उपप्रादेशिक अधिकारी उमाशंकर बहादुरे, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, सरपंच, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आसपास के गांवों – बेलसनी, मुर्सा, मातारदेवी, साखरवाही, घुग्घुस – के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
हालांकि जनसुनवाई पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई, परंतु इसमें उठे विरोध के स्वर और समर्थन की शर्तें इस बात का संकेत हैं कि जनता इस परियोजना को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। यह अब प्रशासन और कंपनी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरणीय मानदंडों का कड़ाई से पालन करें और विकास व प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करें।




