घुग्घुस: स्थानीय आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मारोती जुमनाके ने नगर परिषद घुग्घुस के मुख्याधिकारी को एक निवेदन सौंपा है, जिसमें आदिवासी सांस्कृतिक (गोटूल) समाज भवन के निर्माण के लिए सर्वे नंबर 275 की 6300 वर्ग फुट सार्वजनिक खुली जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
उन्होंने अपने निवेदन में उल्लेख किया कि आदिवासी समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं पूरे वर्ष चलती रहती हैं, लेकिन उनके लिए किसी स्थायी स्थान की व्यवस्था नहीं है. मजबूरी में समाज के लोगों को निजी हॉल या अन्य स्थानों पर अपने कार्यक्रम आयोजित करने पड़ते हैं.
निवेदन में कहा गया कि घुग्घुस और आसपास के क्षेत्रों में आदिवासी समाज की आबादी काफी अधिक है, लेकिन उनके लिए कोई सभागार या मंदिर जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसी कारण समाज के लोग लंबे समय से एक स्थायी भवन की मांग कर रहे हैं.
मारोती जुमनाके (आदिवासी नेता) ने प्रशासन से अनुरोध किया कि बहादे प्लॉट, हनुमान मंदिर चौक, अमराई रोड से सटे सार्वजनिक स्थान को आदिवासी सांस्कृतिक भवन के निर्माण के लिए उपलब्ध कराया जाए.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को अनदेखा करता है और स्थान आवंटित नहीं किया जाता, तो आदिवासी समाज तीव्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा.




