प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस (चंद्रपुर) : शहर में सुगंधित तंबाकू, जिसमें “माजा,” “ईगल,” और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ शामिल हैं, खुलेआम हर चौराहे और दुकानों पर बेचे जा रहे हैं. इन हानिकारक उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस मुद्दे को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
संबंधित अन्न एवं पुरवठा विभाग, पुलिस प्रशासन, और जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम न उठाने से जनता के बीच यह धारणा बन रही है कि प्रशासन और इन अवैध व्यापारियों के बीच मिलीभगत हो सकती है.
स्वास्थ्य पर असर
इन सुगंधित तंबाकू उत्पादों का सेवन घातक बीमारियों का कारण बन सकता है, जिनमें कैंसर और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं प्रमुख हैं. घुग्घुस की सड़कों पर इनका खुलेआम बिकना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है और जनता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल रहा है.
नागरिकों की मांग
घुग्घुस के आम नागरिकों का कहना है कि:
1. प्रशासन को इन तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर तुरंत रोक लगानी चाहिए.
2. इन उत्पादों की आपूर्ति करने वालों और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
3. यदि प्रशासन इन पर प्रतिबंध लागू नहीं कर सकता, तो इन पर से प्रतिबंध हटा देना चाहिए ताकि नियमों की स्पष्टता बनी रहे.
प्रशासन की निष्क्रियता
प्रशासन की अनदेखी ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह समस्या केवल लापरवाही का परिणाम है या फिर इसमें कोई सांठगांठ है. कानून लागू करने वाली एजेंसियों की निष्क्रियता जनता के स्वास्थ्य और विश्वास, दोनों को प्रभावित कर रही है.
जनता में आक्रोश और समाधान की जरूरत
यदि प्रशासन ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो यह मुद्दा बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है. जनता ने मांग की है कि या तो इन उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए या फिर इनसे प्रतिबंध हटाकर स्पष्टता प्रदान की जाए.
यह मामला प्रशासन की जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.




