प्रणय कुमार बंडी
घुग्घुस (चंद्रपुर) : निर्माणाधीन घुग्घुस बायपास मार्ग पर न केवल आम नागरिकों बल्कि जंगली जानवरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है. दि. 20 दिसंबर 2024 को एक अज्ञात वाहन द्वारा जंगली (वन्य) रैबिट को टक्कर मारने की घटना सामने आई, जिसमें रैबिट की मौत हो गई. यह घटना स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
पूर्व उपसरपंच और किसान सुधाकर बांदुरकर ने बताया कि इस मार्ग का निर्माण पिछले कई वर्षों से कछुआ गति से चल रहा है. इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन दिन-रात जारी है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर ध्यान बहुत कम है.
किसानों को हो रहा नुकसान
मार्ग निर्माण की धीमी प्रगति और वाहनों की आवाजाही के कारण किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सड़क से उड़ने वाली धूल फसलों को प्रभावित कर रही है, जिससे किसानों की उपज घट रही है. साथ ही, जंगली (वन्य) जानवरों (प्राणियों) के कारण फसलों का नुकसान भी बढ़ रहा है.
मुआवजा लंबित, अधिकारियों की उदासीनता
सुधाकर बांदुरकर ने यह भी बताया कि प्रभावित किसानों का मुआवजा अब तक लंबित है. इन समस्याओं के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय नागरिक और किसान इस निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने और सड़क पर सुरक्षा उपायों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही, मुआवजा जल्द से जल्द वितरित करने और पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने की आवश्यकता है.
घुग्घुस बायपास मार्ग का निर्माण कार्य न केवल विकास की गति को धीमा कर रहा है, बल्कि पर्यावरण और सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है. सरकार और संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देना चाहिए.




