चंद्रपुर : प्रदेश में चुनाव का बिगुल बज चुका है. इसलिए हर क्षेत्र के छोटे-बड़े नेता अब दिल्ली, मुंबई के दौरे पर हैं. कुछ लोग कहते हैं कि हमें कांग्रेस, बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी जैसे बड़े नेताओं के फोन आ रहे हैं, कुछ कहते हैं कि हमें टिकट मिल रहा है, सबसे पहली बात यह है कि किसी पार्टी के पास मैदान में कितने उम्मीदवार हैं, यह अब पूरी तरह से स्पष्ट होना बाकी है. लेकिन केटली चाय से भी ज्यादा गर्म होती है ये नजारा अब हमारे विविध क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है.
सूत्रों के अनुसार और सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और वीडियो से ऐसा लग रहा है कि नेता जी बहुत बड़े नेता हैं. उनकी चुटकी बजते ही काम हो जाता है. उनके सामने कोई नहीं आता. ऐसा दृश्य निर्मित होता नजर आ रहा है. उन्हें लगता है कि वह अब कहीं भी खड़े होकर विधायक बन सकते हैं. लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि उस क्षेत्र में वे कौन है, उनका वहां क्या काम है. ऐसा लगता है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि मैं वहां क्यों हूं. क्योंकि ऐसा समझा जा सकता है कि नेता अब खुद को मदारी और जनता को बंदर समझने लगा है? क्या वाकई में ऐसा हो सकता है. ऐसे कई सवाल हैं जो नागरिकों के बीच चल रहे हैं.




