अर्ध-न्यायिक और मजिस्ट्रियल कार्यों पर वरिष्ठ अधिकारियों का प्रशिक्षण
चंद्रपुर : संविधान में उल्लिखित कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने, समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए, जिले के पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के सुझाव के अनुसार जिले के वरिष्ठ राजस्व और पुलिस अधिकारियों की एक विशेष कक्षा आयोजित की गई थी. इसमें अर्धन्यायिक एवं मजिस्ट्रेट के कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया.
वन प्रशासन, विकास और प्रबंधन प्रबोधिनी, चंद्रपुर में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में कलेक्टर विनय गौड़ा, जिला पुलिस अधीक्षक रवींद्रसिंह परदेशी, वन अकादमी के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी, कानून और न्याय विभाग नागपुर शाखा के संयुक्त सचिव शेखर मुनघाटे, महाराष्ट्र पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, नासिक के अधिवक्ता ॲङ संजय पाटिल, उपविभागीय अधिकारी मुरुगानंथम एम. आदि उपस्थित थे.
इस अवसर पर कलेक्टर विनय गौड़ा ने कहा, जिले के सभी उपविभागीय अधिकारियों, उपविभागीय पुलिस अधिकारियों और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों से अपेक्षा की जाती है कि वे आपराधिक प्रक्रिया संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे. इसलिए, इस तरह के प्रशिक्षण के माध्यम से, आपको कानूनों के बारे में अपने ज्ञान को बढ़ाना चाहिए और इसे अपने दैनिक कार्यों में उपयोग करना चाहिए. प्रशासन को प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. इससे समाज में शांति व्यवस्था कायम रहेगी.
जिला पुलिस अधीक्षक रवींद्रसिंह परदेशी ने कहा, उपविभागीय पुलिस अधिकारी असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं. संबंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से एक आदर्श प्रस्ताव लाने के लिए उन्हें ऐसे प्रशिक्षण की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि जिला प्रशासन ने जिले के उपमंडल अधिकारियों और उपमंडल पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेषज्ञ व्याख्याताओं को यहां आमंत्रित किया है.
विधि एवं न्याय शाखा के संयुक्त सचिव मुनघाटे ने कहा, अधिकारियों को व्यापक विचार-विमर्श के बाद कानून को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए. जबकि ताड़ीपरी के साथ-साथ एम.पी.डी.ए. अधिवक्ता संजय पाटिल ने सुझाव दिया कि कानूनों का अध्ययन किया जाना चाहिए कि अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई उच्च और सर्वोच्च न्यायालयों में कैसे टिकेगी.
कार्यक्रम का संचालन डिप्टी कलेक्टर दगड़ू कुंभार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय पवार ने किया. कार्यक्रम में जिले के राजस्व एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
प्रशिक्षण में चर्चा किए गए कानून :
मुंबई पुलिस अधिनियम 1951, बॉम्बे निषेध अधिनियम 1949, महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999, महाराष्ट्र स्लम गिरोह, हस्तशिल्प, नशीली दवाओं के अपराधियों और खतरनाक व्यक्तियों की हानिकारक गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम 1981, अनुसूचित जाति और जनजाति (रोकथाम की रोकथाम) इस अवसर पर अत्याचार) अधिनियम 1981 अधिनियम 1989, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 आदि का मार्गदर्शन किया गया.




