चंद्रपुर : विदर्भ किसान मजदूर कांग्रेस, जिला, वेकोली क्षेत्र में कॉलोनी धारकों के पुनर्वास की मांग को लेकर पूर्व सांसद नरेश पुगलिया के मार्गदर्शन में अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी. चंद्रपुर की ओर से गुरुवार दिनांक 04 मई 2023 को दोपहर 1.00 बजे कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकाला गया.
जब कोल इंडिया कंपनी (WCL) की शुरुआत हुई थी और स्थानीय लोग भूमिगत खदानों में काम करने के लिए तैयार नहीं थे, उस समय इन के पूर्वजों ने भूमिगत खदानों में काम करना शुरू कर दिया था, जो कि इंदिरा गांधी के समय में राष्ट्रीयकृत हो गए थे. पिछली तीन पीढ़ियों (पिछले 70-80 वर्षों से) से वह ईस्ट हिंदुस्तान लालपेठ कोलियरी प्राइवेट मैनेजमेंट में काम कर रहे हैं और तब से (70-80 साल से) कोलियरी एरिया में मकान बन रहे हैं.
हिन्दुस्तान लालपेठ कोलियरी में कालोनी में स्थित पक्के मकानों की ओपन कॉस्ट ब्लास्टिंग के विरुद्ध निवारक उपायों की योजना बनाने के संबंध में तथा मकानों की दीवारों में दरार हो रही है. कलेक्टर चंद्रपुर को ज्ञापन सौंपा गया है. साथ ही वेकोली प्रशासन द्वारा कॉलोनीवासियों को किसी न किसी तरह से परेशान किया जा रहा है. कभी पानी की सप्लाई बंद कर देते हैं तो कभी बिजली की सप्लाई काट कर परेशानी खड़ी कर देते हैं.
अब हिंदुस्तान लालपेठ कोलियरी की कॉलोनी में रहने वाले उन लोगों के मकान खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो अपने खर्चे पर 70-80 साल से पक्का मकान बना रहे हैं. इस संबंध में की गई शिकायतों से जिला कलक्टर, चंद्रपुर जिला पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में स्पष्ट निर्देश दिये गये कि 70-80 वर्ष (तीन पीढ़ी पूर्व) से अधिक पुराने मकानों को हटाना उचित नहीं होगा. इनके पट्टे प्राप्त करने की कार्यवाही करने का भी सुझाव दिया गया. तथा उक्त भूमि का क्षेत्रफल नगर निगम को हस्तान्तरित करने के निर्देश दिये गये. लेकिन पालक मंत्री की उपरोक्त बैठक में दिये गये निर्देशों को लागू करने की नीति पर अमल नहीं किया गया. उल्टे इस कॉलोनी में रहने वाले लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. इस प्रकार हिंदुस्तान लालपेठ कोलियरी की कॉलोनी में अतिक्रमणकारियों को विस्थापित करने की नीति अन्यायपूर्ण है. एक तरफ भारत के प्रधान मंत्री आवास सब्सिडी और सरकारी जमीन देकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी को घर देने की घोषणा कर रहे हैं और दूसरी ओर डब्ल्यूसीएल कॉलोनी धारकों को बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं. यह अन्याय है.

मांगें इस प्रकार हैं:
1) केंद्र और राज्य सरकारों के शहरी क्षेत्रों में अत्यावश्यक परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को उनके द्वारा किए गए निर्माण के लिए 15,00,000/- रुपये (पंद्रह लाख रुपये) की एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाना चाहिए. तथा पुंवरन में आने वाली सभी योजनाओं का लाभ दिया जाए.
2) प्रत्येक अतिक्रमण धारक 2,000 वर्ग कि.मी. सरकार को लीज के तहत मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करानी चाहिए. पूर्व सांसद माननीय नरेश पुगलिया के मार्गदर्शन में इन सभी मांगों को लेकर कलेक्टर एवं वेकोलि अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया.
मोर्चा में विदर्भ किसान मजदूर कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष गजाननराव गावंडे, नगर अध्यक्ष व पूर्व नगरसेवक देवेंद्र बेले, जिला महासचिव अशोक नागपुरे, पूर्व नगरसेवक श्रीनिवास पारनदी, सुधाकर सिंह गौर, बाबूलाल करुणाकर और कॉलोनी के लोग शामिल हुए.




